नई दिल्ली, प्रेट्र। भारत ने मुंबई स्थित जिन्ना हाउस पर पाकिस्तान के दावे को खारिज कर दिया है। भारत ने साफ कहा है कि यह उसकी संपत्ति है। पाकिस्तान ने इसे अपने कायदे आजम का घर बताते हुए उसे सौंपने की मांग की थी। वह उसमें अपना वाणिज्य दूतावास खोलना चाहता था।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने गुरुवार को कहा कि जिन्ना हाउस पर पाकिस्तान का कोई दावा बनता ही नहीं, क्योंकि यह भारत सरकार की संपत्ति है और हम उसका नवीनीकरण का काम शुरू करने जा रहे हैं।

पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना ने 1930 के दशक में मुंबई में समुद्र के किनारे मालाबार हिल पर जिन्ना हाउस का निर्माण कराया था। यूरोपीय शैली में बनी यह इमारत फिलहाल खाली पड़ी है। रवीश कुमार ने कहा कि सरकार दिल्ली के हैदराबाद हाउस की तर्ज पर जिन्ना हाउस का इस्तेमाल करना चाहती है। हैदराबाद हाउस का इस्तेमाल विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के साथ द्विपक्षीय बातचीत और उनके सम्मान में भोज आदि के लिए होता है।

विदेश मंत्रालय का यह बयान पाकिस्तान के उस दावे के एक दिन बाद आया है, जिसमें पाकिस्तान ने जिन्ना हाउस पर अपना दावा जताया था। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने कहा था कि जिन्ना हाउस को अपने नियंत्रण में लेने की भारत सरकार की कोशिशों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। फैसल ने यह भी दावा किया था कि भारत ने यह स्वीकार किया था कि जिन्ना हाउस पाकिस्तान का है।

गौरतलब है कि पाकिस्तान का यह दावा विदेश मंत्री सुषमा स्वराज द्वारा मालाबार हिल के भाजपा विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा को लिखे पत्र के बाद आया था। स्वराज ने लोढ़ा को बताया था कि सरकार जिन्ना हाउस का नवीनीकरण कराने की प्रक्रिया में है। लोढ़ा ही इस मामले को राज्य सरकार के साथ ही केंद्र सरकार के पास ले गए थे।

भारत ने पाक से कहा, अपने काम से काम रखो 
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में सात भारतीय नागरिकों की मौत के मामले में की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि पड़ोसी देश में हस्तक्षेप करने के बजाए इस्लामाबाद अपने मामलों पर ध्यान दे, जहां अराजकता की स्थिति है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि बेहतर यह होगा कि इमरान खान अपने काम पर ध्यान लगाएं और अव्यवस्थित चल रहे आंतरिक मामलों को सुलझाएं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने अपनी जमीन पर गतिविधियां चला रहे आतंकी समूहों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया है और उनकी तरफ से आ रहे बयान उसकी निष्ठाहीनता और दोहरेपन को प्रदर्शित करता है। रविवार को खान ने पुलवामा की घटना की निंदा की थी और संयुक्त राष्ट्र में इस मामले को उठाने की धमकी दी थी। 

 

Posted By: Arun Kumar Singh