राज्य ब्यूरो, मुंबई। महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के मुंबई, नागपुर व पुणे स्थित कई ठिकानों पर शुक्रवार को आयकर विभाग ने छापे मारकर तलाशी ली। देशमुख पहले से सीबीआइ व प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निशाने पर रहे हैं। आयकर विभाग की कार्रवाई अभी भी जारी है। अनिल देशमुख 100 करोड़ रुपये की वसूली के मामले में सीबीआइ व ईडी के निशाने पर हैं। मुंबई उच्च न्यायालय के निर्देश पर सीबीआइ उनके भ्रष्टाचार की जांच कर रही है। ये दोनों केंद्रीय एंजेसियां भी देशमुख के ठिकानों पर कई बार छापेमारी कर चुकी हैं। प्रवर्तन निदेशालय उनके दो सहयोगियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मनी लांड्रिंग मामले में चार्जशीट भी दाखिल कर चुका है। 26 जून को गिरफ्तार किए गए देशमुख के निजी सचिव संजीव पलांडे को राज्य सरकार ने निलंबित भी कर दिया है। पलांडे अतिरिक्त जिलाधिकारी रैंक का अधिकारी रहा है। अंटीलिया मामले में गिरफ्तार बर्खास्त एपीआइ सचिन वाझे ने आरोप लगाया था कि जब देशमुख ने उसे अपने सरकारी आवास पर बुलाकर मुंबई के बारों व रेस्टोरेंटों से हर महीने 100 करोड़ रुपये की वसूली करने का निर्देश दिया था, उस समय संजीव पलांडे भी वहां मौजूद था।

सचिन वाझे ने ईडी को दिए अपने बयान में कहा है कि उसने मुंबई के बार मालिकों से 4.7 करोड़ रुपयों की वसूली करने के बाद वह राशि देशमुख के दो सहायकों को दी। बाद में यह राशि हवाला के जरिए दिल्ली की कुछ फर्जी कंपनियों को पहुंचाई गईं। उन कंपनियों ने करीब चार करोड़ रुपए देशमुख के एक पारिवारिक ट्रस्ट को दान स्वरूप भेजे। इस प्रकार हुए बेनामी लेनदेन के मामले में ही ईडी देशमुख और उनके परिवार को पूछताछ के लिए कई बार समन भेज चुकी है, लेकिन वह ईडी की जांच से लगातार कतराते आ रहे हैं। इसी मामले में उनके निजी सहायक कुंदन शिंदे व निजी सचिव संजीव पलांडे को गिरफ्तार भी किया गया है। अब आयकर विभाग द्वारा भी देशमुख की जांच शुरू कर देने से उनकी मुसीबतें और बढ़ती नजर आ रही हैं।

Edited By: Sachin Kumar Mishra