'मुंबई प्रदर्शन का हिस्सा नहीं थे अभिनेता, सिर्फ वहां से गुजर रहे थे'; इमरान खान के वकीलों का दावा
अभिनेता इमरान खान के वकीलों ने FRRO के देश छोड़ने के नोटिस पर सफाई दी है। उनका कहना है कि ...और पढ़ें

इमरान खान के वकीलों का बड़ा दावा।
HighLights
वकीलों ने FRRO नोटिस पर इमरान खान का बचाव किया।
अभिनेता अगस्त क्रांति मैदान प्रदर्शन में शामिल नहीं थे।
पुलिस से CCTV फुटेज की मांग की गई है।
डिजिटल डेस्क, मुंबई। अभिनेता इमरान खान के वकीलों ने फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) की तरफ से उन्हें 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने के नोटिस पर सफाई दी है। वकीलों का कहना है कि अभिनेता पिछले शनिवार को अगस्त क्रांति मैदान में हुए प्रदर्शन में बिल्कुल शामिल नहीं हुए थे, बल्कि वे सिर्फ वहां से गुजर रहे थे।
इमरान खान की कानूनी टीम एमजेएम लीगल एलएलपी के वकील जुल्फिकार मेमन, परवेज मेमन और चिराग नाइक ने साफ किया है कि अभिनेता उस समय नाना चौक से गुजर रहे थे, तभी रास्ते में बैरिकेडिंग लगी थी और मीडियाकर्मियों ने उनसे बातचीत करनी शुरू कर दी थी।
वकीलों ने पुलिस से की ये मांग
वकीलों ने पुलिस से उस इलाके के CCTV फुटेज की मांग करने का फैसला किया है ताकि यह साबित किया जा सके कि इमरान खान सिर्फ राहगीर थे और उनका इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने का कोई इरादा नहीं था।
अब समझिए पूरा विवाद
बता दें कि पिछले शनिवार को अगस्त क्रांति मैदान में सरकार की नीतियों के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था, जिसका आह्वान तुषार गांधी ने किया था। मौके पर मौजूद मीडिया से बात करते हुए इमरान खान ने कहा था कि मैं यहां एक नागरिक के तौर पर, इस शहर में रहने वाले एक शख्स के तौर पर आया हूं।
अभिनेता ने आगे कहा कि मैं यह देखने आया हूं कि क्यों आवाजाही की स्वतंत्रता पर रोक लगाई जा रही है, क्यों लोगों की आवाजें दबाई जा रही हैं। इसके तुरंत बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया था।
भाजपा नेता ने कराई थी शिकायत
गौरतलब है कि मामले में पूर्व भाजपा सांसद किरीट सोमैया ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाए थे कि एक विदेशी नागरिक होने के नाते इमरान खान को सरकारी नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने का कोई अधिकार नहीं है।
इसके बाद FRRO ने उन्हें 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने का निर्देश दिया है। इसके बाद पुलिस ने बिना अनुमति के अवैध रूप से इकट्ठा होने के जुर्म में इमरान खान समेत अन्य प्रदर्शनकारियों पर मामला दर्ज किया है।
योगेश कदम ने किया फैसले का समर्थन
मामले में विवाद बढ़ने के बाद राज्य के गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने FRRO के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जब आप किसी देश में प्रवेश करते हैं, तो आपको एक वीजा मिलता है और कुछ शर्तें तय होती हैं। आप उन शर्तों का उल्लंघन नहीं कर सकते और अगर उल्लंघन होता है, तो कानून के तहत नोटिस जारी किया जाता है।
दूसरी ओर, प्रदर्शन का आह्वान करने वाले तुषार गांधी ने अभिनेता के खिलाफ की गई इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। फिलहाल, पुलिस प्रशासन और FRRO के एक्शन के खिलाफ इमरान खान की कानूनी टीम सीसीटीवी फुटेज के जरिए उनके बेगुनाही साबित करने की तैयारी में है।
