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साहिल वाकोड़े सुसाइड केस: जांच कमेटी पर भड़के छात्र, निष्पक्षता पर जताई आशंका

Published: Sat, 26 Sep 2026 08:21 PM (IST)

आईआईटी मुंबई के छात्र साहिल वाकोड़े की मौत के मामले में छात्रों ने जांच कमेटी की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।

आईआईटी द्वारा गठित जांच कमेटी के पुनर्गठन की मांग। (पीटीआई)

आईआईटी द्वारा गठित जांच कमेटी के पुनर्गठन की मांग। (पीटीआई)


HighLights

  1. छात्रों ने साहिल वाकोड़े मौत जांच समिति पर सवाल उठाए।

  2. आरोपी प्रोफेसर को सभी जिम्मेदारियों से मुक्त करने की मांग।

  3. आईआईटी मुंबई निदेशक शीरीष केदारे के इस्तीफे की मांग।

राज्य ब्यूरो, मुंबई। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मुंबई के छात्र साहिल वाकोड़े की मौत के मामले में गठित जांच कमेटी को लेकर संस्थान के विद्यार्थियों ने सवाल उठाए हैं। शुक्रवार रात विद्यार्थियों ने कैंडल मार्च निकालकर जांच कमेटी के पुनर्गठन की मांग की।

उनका आरोप है कि मौजूदा कमेटी के कुछ सदस्यों ने आरोपित प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला के समर्थन में अपनी राय व्यक्त की है। विद्यार्थियों ने मांग की कि नई कमेटी में IIT मुंबई के किसी वर्तमान कर्मचारी या विद्यार्थी को शामिल न किया जाए, ताकि जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके।

साहिल की मौत के एक सप्ताह पूरे होने पर निकाला गया कैंडल मार्च संस्थान के मुख्य द्वार स्थित ‘जस्टिस कॉर्नर’ से शुरू होकर हॉस्टल नंबर चार तक पहुंचा। विद्यार्थियों ने कहा कि मामले की जांच ऐसी समिति से कराई जानी चाहिए, जिस पर सभी पक्षों का भरोसा हो।

दो प्रमुख लोगों को नई कमेटी में शामिल करने की मांग

इसके लिए उन्होंने चार प्रमुख व्यक्तियों में से कम से कम दो को नई कमेटी में शामिल करने की मांग की। इनमें पूर्व योजना आयोग सदस्य भालचंद्र मुणगेकर, पत्रकार पी. साईनाथ, सामाजिक कार्यकर्ता राम पुनियानी और शिक्षाविद सुखदेव थोराट के नाम शामिल हैं। बता दें कि आईआईटी द्वारा अभी गठित उच्चस्तरीय समिति की अध्यक्षता प्रो. रमेश वेंकटेश्वरन कर रहे हैं।

इसमें आईआईटी मुंबई के तीन शिक्षक, तीन छात्र, एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी, संस्थान के पूर्व विजिलेंस अधिकारी और एक मनोचिकित्सक शामिल हैं।

छात्रों ने की शीरीष केदारे के इस्तीफे की मांग

प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने मांग की है कि जांच पूरी होने और आपराधिक मामले की जांच समाप्त होने तक प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला को संस्थान की सभी जिम्मेदारियों से मुक्त रखा जाए। साथ ही IIT मुंबई के निदेशक शीरीष केदारे के इस्तीफे की मांग भी की गई। दूल्ला संस्थान के ऊर्जा विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग में प्रोफेसर हैं। वह साहिल के परीक्षा के दौरान निरीक्षक भी थे।

संस्थान ने मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए उन्हें प्रशासनिक मामलों के डीन पद की जिम्मेदारियों से अस्थायी रूप से मुक्त कर दिया है। हालांकि, वह संस्थान में बतौर शिक्षक बने हुए हैं। यवतमाल जिले के रहने वाले बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोड़े (20) का शव 18 सितंबर की शाम हॉस्टल नंबर चार स्थित उसके कमरे में मिला था।

यह घटना मध्यावधि परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन के कथित इस्तेमाल को लेकर हुई कार्रवाई के कुछ घंटे बाद हुई थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, साहिल पर परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने का आरोप था।

साहिल के पिता की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज

साहिल के पिता की शिकायत पर पुलिस ने प्रोफेसर दूल्ला और कुछ अन्य अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। शिकायत में साहिल को कई महीनों से कथित तौर पर परेशान करने और जातिसूचक टिप्पणियां करने के आरोप लगाए गए हैं।

इसमें आत्महत्या के लिए उकसाने और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत आरोप शामिल हैं। जांचकर्ताओं ने साहिल के माता-पिता के बयान दर्ज किए हैं, लेकिन प्रोफेसर दूल्ला का बयान अभी दर्ज नहीं हुआ है। उन्हें पूछताछ के लिए बुलाए जाने की तैयारी है।