IIT बॉम्बे की CCTV फुटेज खंगाल रही क्राइम ब्रांच, प्रोफेसर के समर्थन में फैकल्टी फोरम; पूरी टाइमलाइन
आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच कर रही है, जो सीसीटीवी फुटेज खंगालकर पूरी टाइमलाइन तैयार कर रही है।

IIT बॉम्बे सुसाइड केस की पूरी टाइमलाइन।
HighLights
क्राइम ब्रांच साहिल वाकोडे आत्महत्या मामले की सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
प्रोफेसर डूला पर एफआईआर के बाद फैकल्टी फोरम ने उनका समर्थन किया।
छात्रों ने संस्थान में जवाबदेही और मानसिक स्वास्थ्य सहायता सुधार की मांग की।
राज्य ब्यूरो, मुंबई। आईआईटी बॉम्बे के बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के मामले की जांच अब बॉम्बे पुलिस की क्राइम ब्रांच कर रही है। क्राइम ब्रांच ने पवई स्थित आईआईटी परिसर के परीक्षा कक्ष से लेकर हॉस्टल तक के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। जांच अधिकारी अलग-अलग कैमरों की फुटेज को जोड़कर साहिल की गतिविधियों की पूरी समय रेखा तैयार कर रहे हैं।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि 18 सितंबर को मध्यावधि परीक्षा के दौरान कथित तौर पर मोबाइल फोन के इस्तेमाल के बाद साहिल के साथ क्या-क्या घटनाक्रम हुआ और हॉस्टल पहुंचने के बाद उनके साथ क्या हुआ।
22 वर्षीय साहिल महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के रहने वाले थे और ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग में द्वितीय वर्ष के बीटेक छात्र थे। 18 सितंबर की शाम उनका शव हॉस्टल के कमरे में मिला था।
सीसीटीवी की जांच में जुटी पुलिस
अधिकारियों के अनुसार, इससे कुछ घंटे पहले मध्यावधि परीक्षा के दौरान उन्हें मोबाइल फोन के जरिए कथित तौर पर चैट जीपीटी का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। परीक्षा कक्ष में एक प्रोफेसर उन्हें अन्य छात्रों से अलग ले गए थे। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज में वह कैंपस में अपने हॉस्टल की ओर जाते दिखाई दिए। इसके बाद उन्हें कमरे से बाहर निकलते हुए नहीं देखा गया।
क्राइम ब्रांच 18 सितंबर के घटनाक्रम को मिनट-दर-मिनट जोड़ने का प्रयास कर रही है। इसके लिए परीक्षा कक्ष, रास्तों, हॉस्टल परिसर और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी जा रही है।
पुलिस यह भी जांच रही है कि साहिल के संपर्क में उस दौरान कौन-कौन लोग आए थे। जांच का एक प्रमुख पहलू यह भी है कि परीक्षा में कथित अनुचित साधन के इस्तेमाल के बाद संस्थान की ओर से उनके साथ क्या प्रक्रिया अपनाई गई थी।
प्रो. डूला पर FIR दर्ज
साहिल के परिवार की शिकायत के बाद आईआईटी बॉम्बे के प्रशासनिक मामलों के डीन डॉ. सूर्यनारायण डूला के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और जातिगत भेदभाव के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। डूला के खिलाफ एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत मामला दर्ज हुआ है।
हालांकि, छात्रों ने स्पष्ट किया है कि डीन को पद से हटाने की मांग उन्हें दोषी ठहराने के लिए नहीं, बल्कि जांच के दौरान प्रशासनिक जिम्मेदारी से अलग रखने के उद्देश्य से की गई थी।
डूला पर लगाए गए आरोपों पर संस्थान ने रखा अपना पक्ष
संस्थान ने डूला को प्रशासनिक मामलों के डीन पद से हटा दिया है। इस बीच आईआईटी बॉम्बे फैकल्टी फोरम के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार पंत ने डीन सूर्यनारायण डूला पर लगाए गए आरोपों पर संस्थान का पक्ष रखा है।
उन्होंने कहा कि साहिल ने पिछले तीन-चार महीनों के दौरान संस्थान के एससी/एसटी सेल में किसी तरह की शिकायत नहीं की थी।
उनके अनुसार, डूला छात्रों के प्रति सहयोगी रवैये के लिए जाने जाते हैं और प्रशासनिक पद पर रहते हुए नियमों के उल्लंघन के मामलों में कार्रवाई करना उनकी जिम्मेदारी थी। डॉ. पंत ने यह भी कहा कि यदि किसी छात्र द्वारा परीक्षा में अनुचित साधनों का इस्तेमाल किया जाता है तो संस्थान के लिए उस पर कार्रवाई करना जरूरी है।
परीक्षा नियमों के उल्लंघन को नजरअंदाज गलत होगा- पंत
नकल या परीक्षा नियमों के उल्लंघन को नजरअंदाज करना उन छात्रों के साथ अन्याय होगा, जो नियमों का पालन करते हुए परीक्षा देते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि डीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है और अब मामले की कानूनी जांच चल रही है। कानून अपना काम करेगा और जांच के निष्कर्ष के आधार पर ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
छात्रों ने संस्थान में जवाबदेही और व्यवस्थागत सुधार की मांग की
साहिल की मौत के बाद छात्रों ने प्रदर्शन कर संस्थान में जवाबदेही और व्यवस्थागत सुधार की मांग की है। छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन अकादमिक अनुशासनहीनता को सही ठहराने के लिए नहीं था। वे चाहते हैं कि छात्रों की शिकायतों के निस्तारण, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और मानसिक स्वास्थ्य सहायता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जाए।
छात्रों ने अपनी मांगों की सूची संस्थान के निदेशक को सौंपी है और उन्हें निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई का आश्वासन मिला है। साहिल की मौत के बाद आईआईटी ने हॉस्टलों में सीलिंग फैन हटाकर दीवार पर लगाए जाने वाले पंखे लगाने की प्रक्रिया भी शुरू की है।
केवल पंखे बदलना पर्याप्त नहीं होगा- अनीश गावंडे
वहीं, राकांपा (शरदचंद्र पवार) के प्रवक्ता अनीश गावंडे ने कहा है कि केवल पंखे बदलना पर्याप्त नहीं होगा और आत्महत्या रोकथाम तथा मानसिक स्वास्थ्य सहायता पर अधिक ध्यान देना जरूरी है। दूसरी ओर आईआईटी के पूर्व छात्र एवं सामाजिक कार्यकर्ता सुधींद्र कुलकर्णी ने भी एक बयान जारी कर आईआईटी में एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग पर चिंता जताई है।
