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IIT बॉम्बे: आत्महत्या से पहले साहिल ने महिला मित्र को किया था फोन, परीक्षा में ChatGPT यूज पर पछतावा

Published: Mon, 28 Sep 2026 11:23 PM (IST)

आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे ने आत्महत्या से पहले एक महिला मित्र से फोन पर बात कर परीक्षा में चैटजीपीटी के इस्तेमाल पर पछतावा जताया था।

आत्महत्या से पहले साहिल ने महिला मित्र को किया था फोन। (पीटीआई)

आत्महत्या से पहले साहिल ने महिला मित्र को किया था फोन। (पीटीआई)

HighLights

  1. आत्महत्या से पहले साहिल ने चैटजीपीटी उपयोग पर पछतावा जताया।

  2. परिवार ने प्रोफेसर पर जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया, जांच जारी।

  3. पिता ने बेटे को न्याय दिलाने के लिए आजाद मैदान में धरना दिया।

राज्य ब्यूरो, मुंबई। आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे ने आत्महत्या से पहले एक महिला मित्र से फोन पर बातचीत में परीक्षा के दौरान हुई गलती को लेकर अफसोस जताया था। 18 सितंबर को मध्यावधि परीक्षा में मोबाइल से चैटजीपीटी का इस्तेमाल कर कथित नकल करते पकड़े जाने के बाद उसने कई दोस्तों को फोन किया था।

मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच इन बातचीत और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। इस बीच, बेटे को न्याय दिलाने की मांग को लेकर पिता रविंद्र वाकोडे ने सोमवार को दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में धरना शुरू कर दिया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 22 वर्षीय साहिल बीटेक द्वितीय वर्ष का छात्र था। 18 सितंबर की शाम उसका शव आईआईटी बॉम्बे के छात्रावास स्थित कमरे में फंदे से लटका मिला था। इससे कुछ घंटे पहले उसे मध्यावधि परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन से चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते हुए कथित तौर पर पकड़ा गया था।

क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी के मुताबिक, परीक्षा कक्ष की घटना के बाद साहिल ने कई मित्रों से फोन पर बात की थी। इनमें एक महिला मित्र भी शामिल थी।

बातचीत के दौरान उसने थर्मोडायनामिक्स की परीक्षा में गलती होने और उसके बाद नकल के प्रकरण में पकड़े जाने पर पछतावा जताया था। पुलिस उन सभी लोगों के बयान दर्ज कर रही है, जिनसे साहिल ने घटना के बाद संपर्क किया था।

25 से अधिक लोगों के बयान दर्ज

पुलिस अब तक आईआईटी मुंबई के छात्रों, शिक्षकों और छात्रावास कर्मचारियों समेत 25 से अधिक लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। साहिल के आइफोन को डिजिटल साक्ष्य जुटाने के लिए कालीना स्थित फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया है। इससे कॉल रिकॉर्ड, संदेशों और अन्य गतिविधियों की जानकारी हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है।

फोन अनलॉक करने में दिक्कत आने पर पुलिस एप्पल से तकनीकी मदद ले सकती है। वाट्सएप से भी संबंधित खाते की जानकारी मांगी गई है। परिसर के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांच के लिए प्रयोगशाला भेजी गई है। इसे सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत प्रमाणित कराया जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर अदालत में साक्ष्य के रूप में पेश किया जा सके।

साहिल के परिवार ने लगाया जातिगत भेदभाव का आरोप

साहिल के परिवार ने संस्थान में जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न का आरोप लगाया है। पिता की शिकायत पर पवई पुलिस ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। साहिल की मौत के बाद उन्हें डीन (प्रशासनिक कार्य) के पद से हटा दिया गया और निष्पक्ष जांच के लिए अवकाश पर भेज दिया गया।

रविंद्र वाकोडे ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि साहिल ने उनसे पिछली मुलाकात में प्रोफेसर दूल्ला पर तीन महीने से जातिगत दुर्व्यवहार करने की बात कही थी। उन्होंने संस्थान के निदेशक शिरीष केदारे के कहने पर ऐसा किए जाने का भी आरोप लगाया। साहिल ने झूठे मामले में फंसाए जाने की आशंका जताई थी। पुलिस ने अभी प्रोफेसर दूल्ला का बयान दर्ज नहीं किया है।

मामले की जांच के लिए 10 सदस्यीय समिति का गठन

आईआईटी बॉम्बे के बोर्ड ने मामले की जांच के लिए 10 सदस्यीय समिति बनाई है। छात्र समिति के पुनर्गठन की मांग कर रहे हैं। शुक्रवार रात निकाले गए कैंडल मार्च में उन्होंने आरोप लगाया था कि समिति के कुछ सदस्यों ने प्रोफेसर दूल्ला का समर्थन किया है।

परिसर में 'जस्टिस कॉर्नर' पर छात्रों का धरना जारी है। दूसरी ओर रविंद्र वाकोडे ने कहा है कि बेटे को न्याय मिलने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।