छात्रों का उत्पीड़न और जाति को लेकर प्रदर्शन, IIT बॉम्बे सुसाइड केस में दो तरफ बंटे यूजर्स
आईआईटी-बॉम्बे में एक छात्र की आत्महत्या के बाद प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को लेकर कैंपस दो गुटों में बंट गया है।

IIT बॉम्बे में दो पक्षों में तकरार (फोटो-पीटीआई)
HighLights
छात्र आत्महत्या के बाद प्रोफेसर डूला डीन पद से हटाए गए।
प्रोफेसर डूला पर आत्महत्या उकसाने, जातिगत भेदभाव का मामला दर्ज।
आईआईटी-बॉम्बे कैंपस प्रोफेसर डूला के समर्थन-विरोध में बंटा।
डिजिटल डेस्क, मुंबई। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मुंबई (IIT-Bombay) में एक छात्र के आत्महत्या करने के बाद कैंपस के छात्रों से लेकर सोशल मीडिया तक लोग दो गुटों में बंट गए हैं।
इस घटना के केंद्र में प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला हैं, जहां एक पक्ष प्रोफेसर के साथ खड़ा है, वहीं दूसरा पक्ष उन्हें कैंपस से पूरी तरह सस्पेंड करने की मांग रहा है।
छात्र की मौत के बाद सोमवार को प्रोफेसर डूला को एडमिनिस्ट्रेटिव अफेयर्स के डीन पद से हटा दिया गया। हालांकि, वह एनर्जी साइंस और इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट में प्रोफेसर बने हुए हैं, जहां मृतक छात्र एनरोल्ड था।
वह उस परीक्षा के इनविजिलेटर भी थे जिसमें मृतक छात्र को कथित तौर पर नकल करते हुए पकड़ा गया था। इसके कुछ ही घंटों बाद उसने आत्महत्या कर ली थी।
सुसाइड केस पर सोशल मीडिया पर बहस
IIT-B में सुसाइड को लेकर ऑनलाइन बहस तेज हो गई है, जिसमें विरोध कर रहे स्टूडेंट्स और उकसाने के आरोपी प्रोफेसर, दोनों का सपोर्ट किया जा रहा है।
कुछ लोगों ने दावा किया कि रिजर्व्ड कैटेगरी के स्टूडेंट्स पढ़ाई के दबाव से जूझते हैं और चीटिंग का सहारा लेते हैं और तर्क दिया कि प्रोफेसर ने उन्हें डिसिप्लिन में रखकर कुछ गलत नहीं किया।
सोशल मीडिया पर जहां एक तरफ लोग प्रोफेसर के छात्रों के साथ बर्ताव पर चर्चा कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग प्रोफेसर के समर्थन में हैं और जाति को लेकर हो रहे प्रोटेस्ट का विरोध कर रहे हैं।
IIT-B में प्रोफेसर डूला पर तकरार
छात्र की आत्महत्या की घटना ने प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थान को हिलाकर रख दिया है। सोमवार को, IIT-B के फैकल्टी फोरम ने डूला के समर्थन में एक बयान जारी किया। प्रोफेसर को एडमिनिस्ट्रेटिव अफेयर्स के डीन पद से हटाए जाने के विरोध में मार्च निकाला और IIT-B ने कहा कि वह उन्हें कानूनी मदद देगा।
हालांकि, IIT-B की फैकल्टी डूला के समर्थन में एकमत नहीं है। ह्यूमैनिटीज और सोशल साइंस डिपार्टमेंट में सोशियोलॉजी पढ़ाने वाले प्रोफेसर सूर्यकांत वाघमोरे ने आरोप लगाया कि डूला का समर्थन करने वाली फैकल्टी जांच पर दबाव डाल रही थी।
SC/ST एक्ट में मामला दर्ज
प्रोफेसर डूला के खिलाफ पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने और मृतक छात्र के साथ कथित तौर पर जातिगत भेदभाव करने का मामला दर्ज किया है।
सोमवार को संस्थान के डायरेक्टर शिरीष केदारे ने ईमेल के जरिए विरोध कर रहे छात्रों को प्रोफेसर डूला को हटाए जाने की जानकारी दी।
हालांकि, छात्र उन्हें एडमिनिस्ट्रेटिव पद से हटाए जाने से संतुष्ट नहीं हैं, वे मांग कर रहे हैं कि जब तक मुंबई क्राइम ब्रांच कैंपस में हुई आत्महत्या की जांच कर रही है, तब तक उन्हें फैकल्टी मेंबर के तौर पर भी सस्पेंड किया जाए। छात्र संस्थान के पवई कैंपस में छात्र की मौत से जुड़े हालात की निष्पक्ष जांच की भी मांग कर रहे हैं।
प्रोफेसर डूला को मिला समर्थन
सोमवार को फैकल्टी फोरम, जो लगभग 750 फैकल्टी सदस्यों का प्रतिनिधित्व करता है, ने कहा कि वह प्रोफेसर डूला के साथ मजबूती से खड़े हैं।
छात्र की मौत से दुखी फोरम ने कहा, 'घटना के बारे में गलत और गुमराह करने वाली रिपोर्टों को लेकर चिंतित है, जिन्होंने प्रोफेसर डूला की प्रतिष्ठा को प्रभावित किया है।'
फोरम ने कहा कि प्रोफेसर ने IIT बॉम्बे सीनेट से मंजूर एकेडमिक प्रक्रियाओं के अनुसार काम किया था। उन्होंने संस्थान में प्रशासनिक पदों पर रहते हुए छात्र कल्याण में उनके योगदान पर जोर दिया।
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