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'फेक न्यूज', छात्र की मौत के बाद IIT बॉम्बे ने डायरेक्टर के इस्तीफे की बात से किया इनकार

Published: Mon, 21 Sep 2026 03:19 PM (IST)

आईआईटी बॉम्बे ने छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के बाद चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच अपने निदेशक के इस्तीफे की खबरों को 'फर्जी खबर' बताया है।

आईआईटी बॉम्बे ने डीन के इस्तीफे की खबर को बताया फर्जी।

आईआईटी बॉम्बे ने डीन के इस्तीफे की खबर को बताया फर्जी।

HighLights

  1. आईआईटी बॉम्बे ने निदेशक के इस्तीफे की खबरों का खंडन किया।

  2. छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के बाद विरोध प्रदर्शन जारी।

  3. संस्थान ने छात्रों की 18 मांगों को स्वीकार कर लिया।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। आईआईटी बॉम्बे में एक छात्र की आत्महत्या के बाद पिछले कुछ दिनों से छात्र विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच सोमवार को संस्थान ने उन खबरों का खंडन किया जिनमें कहा गया था कि संस्थान के डायरेक्टर ने इस्तीफा दे दिया है।

डायरेक्टर प्रो. शिरीष केदारे के इस्तीफे की खबरों को फेक न्यूज बताते हुए संस्थान ने स्पष्ट किया कि डायरेक्टर ने इस्तीफा नहीं दिया है। आईआईटी बॉम्बे ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया, "आईआईटी बॉम्बे के डायरेक्टर ने इस्तीफा नहीं दिया है। हम साफ तौर पर कहते हैं कि इससे जुड़ी खबर गलत है।"

छात्र की मौत के बाद विरोध प्रदर्शन

शुक्रवार शाम साहिल वाकोडे की मौत के बाद से कैंपस में छात्रों का विरोध-प्रदर्शन चल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, आईआईटी बॉम्बे के पवई कैंपस में अपने होटल के कमरे में साहिल वाकोडे नाम का छात्र पंखे से लटका हुआ पाया गया। इससे कुछ घंटे पहले ही उसे मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन और चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने का आरोप लगा था।

परिवार ने क्या आरोप लगाया?

महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के रहने वाले वाकोडे साहिल के परिवार का आरोप है कि उसको यह चरम कदम उठाने से पहले संस्थागत उत्पीड़न और जाति-आधारित भेदभाव का सामना करना पड़ा था, जिसके कारण कैंपस में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का दावा था कि वाकोडे पर भारी दबाव था और उसे एकेडमिक सस्पेंशन की धमकियां दी जा रही थीं।

आईआईटी बॉम्बे ने क्या सफाई दी?

हालांकि, संस्थान ने 19 सितंबर को एक बयान जारी कर कहा कि छात्र के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। आत्महत्या को लेकर हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच संस्थान के निदेशक प्रो. शिरीष केदार ने कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों से कहा था कि वे सोमवार को इस्तीफा दे देंगे लेकिन साथ ही यह भी कहा कि उन्हें तय प्रक्रिया का पालन करना होगा।

खबरों के मुताबिक, आईआईटी बॉम्बे का बोर्ड इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए बैठक करने वाला है। न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, प्रोफेसर केदार ने रविवार देर रात प्रदर्शनकारियों से कहा, "मैं इस्तीफा दे दूंगा। हालांकि, मुझे प्रक्रिया का पालन करना होगा और सोमवार को बैठक के बाद अपना फैसला बताऊंगा।"

आईआईटी बॉम्बे प्रशासन ने विरोध कर रहे छात्रों से मुलाकात की और उनकी 18 मांगों पर चर्चा की। इन मांगों में एकेडमिक कमेटियों में छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित करना, कैंपस में आत्महत्या से हुई चार मौतों के मामलों की स्वतंत्र जांच और प्रोफेसरों के लिए मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े वर्कशॉप आयोजित करना शामिल था।

इन मांगों में स्टूडेंट वेलफेयर के डीन प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को सस्पेंड करना और विरोध करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करना भी शामिल था। इंस्टिट्यूट के प्रशासन ने एक मीटिंग के दौरान प्रदर्शनकारियों की 18 मांगों को मान लिया है।

इंस्टिट्यूट ने सोमवार को उस बात के लिए माफी भी मांगी, जिसे उसने साहिल की दुर्भाग्यपूर्ण मौत से जुड़े हालात के बारे में हमारी पिछली बातचीत में शामिल बयान कहा था।

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