बोट एम्बुलेंस के जरिए समुद्री क्षेत्र व टापू तक पहुंच रहीं स्वास्थ्य सेवाएं, गुजरात सरकार की पहल
गुजरात सरकार ने मछुआरों और तटीय और द्वीपीय निवासियों को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए एक दशक पहले बोट एम्बुलेंस सेवा शुरू की थी।

(फोटो: बोट एम्बुलेंस साभार सूचना विभाग)
HighLights
गुजरात सरकार ने एक दशक पहले बोट एम्बुलेंस सेवा शुरू की।
अब तक लगभग 800 आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं।
मछुआरों और तटीय क्षेत्रों के लोगों को तत्काल सहायता।
डिजिटल डेस्क, अहमदाबाद। गुजरात सरकार ने समुद्री क्षेत्र में जाने वाले मछुआरों व टापू व तटीय क्षैत्र में बसे लोगों को आपात स्थिति में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने को करीब एक दशक पहले बोट एम्बुलेंस की सेवाएं प्रारंभ की थी। बोट एम्बुलेंस के जरिए अब तक करीब आठ सौ आपात स्थिति में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई गई।
गुजरात के स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि समुद्र तट पर कार्यरत बोट एम्बुलेंस सेवाओं के माध्यम से अप्रैल 2018 से सितंबर 2026 के बीच 777 मेडिकल इमरजेंसी के मामलों में तात्कालिक सहायता प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में मछुआरों को समुद्र के अंदर तथा तटीय क्षैत्र में बसे लोगों तथा टापू पर बसे लोगों को तात्कालिक चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़े तो उसे पूरा करने के लिए यह विशेष व्यवस्था प्रारंभ की गई थी।
मछुआरे जब समुद्र में हों या समुद्र तटीय क्षेत्रों और द्वीपों में रहने वाले लोगों को समय पर चिकित्सा सहायता प्रदान करने में यह बोट काफी मददगार बनती है। विशेष रूप से तैयार की गई बोट एम्बुलेंस सेवा समुद्री आपातकाल के समय महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
खासकर ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में यह सेवा मददगार बनती है, जहां सड़क की तुलना में जलमार्ग से पहुंचना अधिक आसान है।
