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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 21, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

महाराष्ट्र में CBI जांच के लिए सामान्‍य सहमति बहाल, अब नहीं लेनी होगी गृह विभाग की इजाजत

By AgencyEdited By: Babita Kashyap
Published: Fri, 21 Oct 2022 12:40 PM (IST)

महाराष्ट्र में मामलों की जांच के लिए सीबीआइ (CBI) की सामान्‍य सहमति बहाल कर दी गई है। महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra ...और पढ़ें

महाराष्ट्र में मामलों की जांच के लिए सीबीआइ (CBI) की सामान्‍य सहमति बहाल
महाराष्ट्र में मामलों की जांच के लिए सीबीआइ (CBI) की सामान्‍य सहमति बहाल

मुंबई, एजेंसी। महाराष्ट्र गृह विभाग (Maharashtra Home department) से मिली जानकारी के अनुसार राज्‍य में मामलों की जांच के लिए सीबीआइ (CBI) की सामान्‍य सहमति बहाल कर दी गई है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार के गृह मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लेते हुए 'जनरल कंसेंट' करार को समाप्‍त कर दिया था।

इसके खत्‍म होने के बाद सीबीआइ को राज्‍य में किसी भी केस की जांच के लिए राज्‍य के गृह विभाग से इजाजत लेनी पड़ती थी। हालांकि महाराष्ट्र में इससे पहले भी सीबीआइ को बिना इजाजत केस की जांच करने का अधिकार था। बता दें कि महाराष्ट्र में बीते दिनों राज्‍य सरकार की जांच व सीबीआइ की जांच में टकराव का मामला सुर्खियों में छाया हुआ था।

भाजपा नेता अतुल भतखलकर ने दी थी प्रतिक्रिया

बालीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्‍महत्‍या का केस हो या टीआरपी घोटाला जांच मामला, राज्‍य सरकार व सीबीआइ के बीच की खींचतान साफ नजर आने लगी थी। राज्‍य सरकार के इस फैसले को लेकर

भारतीय जनता पार्टी के नेता अतुल भतखलकर ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि राज्‍य सरकार ने बिना स्‍पष्‍ट कारण बताते हुए जनरल कंसेंट को समाप्‍त कर दिया, जिसके अंतर्गत सीबीआइ बिना राज्‍य सरकार की सहमति के राज्‍य में मामलों की जांच कर सकती थी।

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