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दिशा सालियान मौत मामला: CBI की FIR पर आदित्य ठाकरे ने तोड़ी चुप्पी, बोले- कभी उनसे नहीं मिला

Published: Wed, 16 Sep 2026 06:39 PM (IST)Updated: Wed, 16 Sep 2026 06:41 PM (IST)

सीबीआई द्वारा दिशा सालियान मौत मामले में एफआईआर दर्ज करने के बाद आदित्य ठाकरे ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने अपने ...और पढ़ें

दिशा सालियान मौत मामले में अदित्य ठाकरे का बयान।

दिशा सालियान मौत मामले में अदित्य ठाकरे का बयान।

HighLights

  1. आदित्य ठाकरे ने दिशा सालियान मामले में चुप्पी तोड़ी।

  2. उन्होंने सभी आरोपों को राजनीतिक बदले की भावना बताया।

  3. कहा, दिशा सालियान से कभी नहीं मिले या देखा।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में सियासत सातवें आसमान पर है। ऐसे में सीबीआई की तरफ से एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद शिवसेना (UBT) नेता और विधायक आदित्य ठाकरे ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है।

आदित्य ठाकरे ने इस मामले में अपने ऊपर लग रहे सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक बदले की भावना से किया गया चरित्र हनन करार दिया है। साथ ही इस बात का दावा किया है कि उन्होंने कभी भी दिशा सालियान को ना तो देखा है और ना ही कभी उनसे मुलाकात की।

मेरा कोई दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं- आदित्य 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए आदित्य ठाकरे ने साफ किया कि इस मामले से उनका कोई दूर-दूर तक वास्ता नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं साफ शब्दों में कहना चाहता हूं कि मैंने कभी दिशा सालियान को न तो देखा है और न ही कभी उनसे मिला हूं।

बिना सबूत का दुष्प्रचार का आरोप

आदित्य ने आरोप लगाया कि पिछले करीब 6 सालों से कुछ लोग अपने राजनीतिक और व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए उनके नाम को इस मामले से जोड़कर लगातार दुर्भावनापूर्ण और झूठा प्रचार कर रहे हैं।

शिवसेना UBT विधायक ने आगे कहा कि मीडिया ट्रायल और टीवी डिबेट्स से सच्चाई नहीं बदलती। यह उन्हें और उनकी पार्टी को रोकने की एक असफल राजनीतिक साजिश है। वहीं, शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने भी इस FIR को ठाकरे परिवार की छवि खराब करने की एक सोची-समझी साजिश बताया है।

अब समझिए क्या है पूरा मामला?

बता दें कि 9 जून 2020 की रात करीब 2:25 बजे, मलाड में एक इमारत की 12वीं मंजिल से गिरकर दिशा सालियान की मौत हो गई थी। उस समय मालवणी पुलिस ने एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) दर्ज की थी और अपनी जांच में इसे आत्महत्या बताया था, जिसमें किसी भी तरह की फॉउल प्ले से इनकार किया गया था। इसके बाद दिसंबर 2023 में राज्य सरकार द्वारा बनाई गई SIT ने भी अपनी जांच में किसी गड़बड़ी की पुष्टि नहीं की थी।

पिता की मांग पर बॉम्बे हाईकोर्ट का आदेश

इसके बाद दिशा के पिता सतीश सालियान ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया था। उनका आरोप था कि उनकी बेटी के साथ यौन उत्पीड़न और हत्या की गई है, जिसके पीछे प्रभावशाली लोग शामिल हैं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही सीबीआई ने इस मामले में नए सिरे से जांच शुरू की है।

सीबीआई की FIR में किन संगीन धाराओं के तहत जांच?

बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने जो FIR दर्ज की है, उसमें कई गंभीर आरोप शामिल हैं। एफआईआर में गैंगरेप, हत्या, अपराध के सबूत गायब करने और अपराधियों को बचाने के लिए झूठे दस्तावेज तैयार करने से जुड़ी धाराएं जोड़ी गई हैं।

सबसे खास बात यह है कि इस एफआईआर में किसी भी व्यक्ति का नाम आरोपी के तौर पर दर्ज नहीं है, चाहे वह आदित्य ठाकरे हों या कोई और। हाईकोर्ट के निर्देशानुसार, जांच अधिकारी (IO) के पास जब तक किसी के खिलाफ ठोस और पर्याप्त सबूत नहीं मिल जाते, तब तक किसी को भी आरोपी नहीं माना जाएगा।