मुंबई, प्रेट्र। देश में साइबर ठगी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में मुंबई में साइबर ठगों ने एक बुजुर्ग महिला की मदद करने के नाम पर उसके खाते से 11 लाख रुपये से अधिक की रकम निकाल ली। पुलिस ने शनिवार को कहा कि इस मामले का पता तब चला, जब महिला ने बीकेसी साइबर पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया। महिला की शिकायत के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। अपनी शिकायत में उपशहरी अंधेरी क्षेत्र की रहने वाली महिला ने बताया कि उन्होंने पिछले वर्ष जुलाई में पिज्जा आर्डर किया था। फोन से इसका भुगतान करते समय उनके 9999 रुपये खो गए। इसी तरह 29 अक्टूबर को आनलाइन ड्राई फ्रूट्स का आर्डर बुक करते समय 1496 रुपये खो गए। खोये पैसे वापस लेने के लिए महिला ने गूगल पर फोन नंबर ढ़ूंढ़े। इस दौरान मिले एक फोन नंबर पर महिला ने संपर्क किया। इस नंबर पर काल करने पर ठग ने महिला को पैसे वापस दिलाने का भरोसा दिया। महिला से मोबाइल पर एक एप डाउनलोड करने को कहा गया। इससे शिकायतकर्ता बुजुर्ग महिला के बैंक खातों, पासवर्ड की जानकारी ठगों को मिल गई। इसके बाद ठगों ने उनके खाते से 14 नवंबर से एक दिसंबर के बीच 11.78 लाख रुपये निकाल लिए।

उपमुख्यमंत्री के नंबर से फोन कर वसूली के प्रयास में छह गिरफ्तार

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार के फोन नंबर का इस्तेमाल कर कथित तौर वसूली करने के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि आरोपितों ने शहर के एक बिल्डर से संपर्क करने और उससे 20 लाख रुपये वसूलने के लिए उप मुख्यमंत्री के फोन नंबर का इस्तेमाल किया था। एक अधिकारी ने बताया कि इस बात की जानकारी मिलने पर पुलिस की अपराध शाखा ने गुरुवार को जाल बिछाकर बिल्डर से दो लाख रुपये वसूलते हुए आरोपितों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार एक आरोपित ने 'फेक काल' एप्लिकेशन के जरिये पवार के फोन नंबर का इस्तेमाल कर फोन किया। आरोपित ने खुद को उप मुख्यमंत्री का स्टाफ बताया। अभियुक्तों की पहचान नवनाथ चोरमले, सौरभ काकड़े, सुनील बाघमारे, किरन काकड़े, चैतन्य बाघमारे और आकाश निकलजे के रूप में हुई है।

Edited By: Sachin Kumar Mishra