विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'अपनी ही पार्टी में रिजीम चेंज नहीं रोक पाए', सीएम फडणवीस ने उद्धव ठाकरे पर कसा तंज

Published: Sun, 18 Oct 2026 05:51 PM (IST)

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे पर 'रिजीम चेंज' की मांग को लेकर पलटवार किया, कहा कि वे अपनी ही पार्टी में सत्ता परिवर्तन नहीं रोक पाए।

सीएम फडणवीस ने उद्धव ठाकरे पर कसा तंज। (फाइल)

सीएम फडणवीस ने उद्धव ठाकरे पर कसा तंज। (फाइल)

HighLights

  1. फडणवीस ने उद्धव ठाकरे पर 'रिजीम चेंज' को लेकर साधा निशाना।

  2. कहा, उद्धव अपनी ही पार्टी में सत्ता परिवर्तन नहीं रोक पाए।

  3. भारत में सरकारें केवल चुनावों से तय होती हैं, सड़कों से नहीं।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को भारत में 'रिजीम चेंज' की मांग का समर्थन करने के लिए उद्धव ठाकरे पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि शिवसेना (UBT) अध्यक्ष अपनी ही पार्टी में सत्ता परिवर्तन को रोकने में नाकाम रहे।

नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए सीएम फडणवीस ने कहा कि सबसे पहले तो उद्धव ठाकरे अपनी ही शिवसेना में सत्ता परिवर्तन नहीं रोक पाए, तो पता नहीं वह किस दूसरे रिजीम चेंज की बात कर रहे हैं। जैसे ही उनकी पार्टी ने हिंदुत्व और हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा को छोड़ा, पार्टी के भीतर ऐसी उथल-पुथल मची कि जो लोग बालासाहेब ठाकरे के सिद्धांतों पर चलना चाहते थे, उन्होंने ही असली शिवसेना बना ली।

सीएम फडणवीस का इशारा जून 2022 में अविभाजित शिवसेना में हुई टूट की ओर था, जिसके बाद पार्टी दो गुटों में बंट गई, एक गुट का नेतृत्व उद्धव ठाकरे कर रहे हैं और दूसरे का महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे।

लोकतंत्र में सरकारें चुनावों के जरिए तय होती हैं- सीएम फडणवीस

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत में कोई भी सत्ता परिवर्तन केवल चुनावों के जरिए ही हो सकता है, सड़कों पर होने वाले विरोध-प्रदर्शनों से नहीं। उन्होंने कहा कि मैंने बिल्कुल साफ कर किया है कि भारत के संविधान के खिलाफ लड़ना बंद करें। इस देश में फैसले संसद में और संविधान के अनुसार लिए जाएंगे, सड़कों पर नहीं। लोकतंत्र में सरकारें चुनावों के जरिए तय होती हैं।

सीएम देवेंद्र फडणवीस ने भसोरा जताया कि 2029 में प्रधानंमत्री नरेंद्र मोदी की सरकार फिर सत्ता में आएगी। उन्होंने विपक्ष से कहा कि अगर वे चुनाव जीतना चाहते हैं, तो उन्हें जनता का समर्थन हासिल करना होगा।

(समाचार एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ)