'जेल भरो आंदोलन करेगी CJP', मुंबई में प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने पर दीपके का एलान
मुंबई पुलिस ने 2 अक्टूबर को CJP के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इसके ...और पढ़ें

अनुमति न मिलने पर CJP गांधी जयंती पर 'जेल भरो आंदोलन' करेगी।
HighLights
मुंबई पुलिस ने CJP के 2 अक्टूबर के प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी।
अनुमति न मिलने पर CJP गांधी जयंती पर 'जेल भरो आंदोलन' करेगी।
CJP ने असम पुलिस पर कार्यकर्ताओं को अवैध हिरासत में लेने का आरोप लगाया।
डिजिटल डेस्क, मुंबई। CJP के संस्थापक दीपके ने दावा किया है कि मुंबई पुलिस ने 2 अक्टूबर को उनके प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को इजाजत देने से इनकार कर दिया है। जिसके बाद दीपके ने घोषणा की कि अगर उन्हें प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं मिली, तो संगठन गांधी जयंती पर मुंबई में जेल भरो आंदोलन शुरू करेगी।
नागरिकों की आवाज दबाने की कोशिश
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए पुलिस के फैसले का विरोध किया और लिखा, 'नागरिकों की आवाज दबाने के ऐसे तरीके मंजूर नहीं हैं। अगर हमें विरोध करने का अधिकार नहीं दिया गया, तो CJP गांधी जयंती पर मुंबई में जेल भरो आंदोलन शुरू करेगी।'
Mumbai Police has also denied permission for our protest on 2nd October.
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) September 27, 2026
Such tactics to suppress citizens’ voices are unacceptable. If we are denied the right to protest, CJP will launch a Jail Bharo Andolan in Mumbai on Gandhi Jayanti.#SaveDemocracy
CJP नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने का आरोप
मुंबई में शुरू हुआ यह विवाद CJP और प्रशासन के बीच पहले से जारी टकराव का हिस्सा है। CJP ने आरोप लगाया है कि हाल ही में असम पुलिस ने उनके सह-संयोजक आशुतोष रांका और करीब 40 स्वयंसेवकों को अवैध रूप से हिरासत में ले लिया था।
असम की घटना का जिक्र
CJP के अनुसार, आशुतोष रांका और उनकी टीम असम जातीय परिषद की नेता कुंकी चौधरी के दिसपुर स्थित आवास पर कार्यकर्ताओं के साथ एक बैठक कर रहे थे, तभी असम पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
हिरासत में लिए जाने के दौरान आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा राज्य के सरकारी स्कूलों की बदहाली और काजीरंगा से जुड़े मुद्दों की पोल खुलने से डरे हुए हैं।
दीपके ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, 'असम पुलिस ने आशुतोष रांका और CJP की एक टीम को हिरासत में लिया है और उन्हें किसी अज्ञात जगह ले जा रही है।'
दीपके ने एक और पोस्ट करते हुए असम पुलिस को चेतावनी दी और कहा, 'अगर आशु को रिहा नहीं किया गया, तो मैं CJP के अन्य सदस्यों के साथ असम जाऊंगा। CM हिमंत बिस्वा सरमा हम सभी को गिरफ़्तार कर सकते हैं।'
रांका के X अकाउंट पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में उन्हें चलती हुई पुलिस गाड़ी में बैठे हुए दिखाया गया। उन्हें यह कहते हुए सुना गया कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने यह कार्रवाई इसलिए करवाई क्योंकि वे राज्य में स्कूलों की हालत को उजागर करने की CJP की योजनाओं से डरे हुए थे।
CJP को NCP(SP) का समर्थन
इस पूरे घटनाक्रम पर NCP (SP) के प्रवक्ता अनीश गवांडे ने भी असम सरकार और पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि CJP कार्यकर्ताओं को बिना किसी कानूनी नोटिस या धाराओं की जानकारी दिए एक निजी घर से असंवैधानिक तरीके से उठाया गया है।
गवांडे ने आगे कहा, 'हम रंका और बाकी सभी लोगों की तुरंत रिहाई की मांग करते हैं। ऐसा न होने पर असम पुलिस और खुद मुख्यमंत्री के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिन्होंने इस गैर-कानूनी कार्रवाई को मंजूरी दी है।'
