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सीजेपी ने किया जेल भरो आंदोलन का एलान, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

Published: Thu, 01 Oct 2026 10:46 PM (IST)

सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए 'जेल भरो आंदोलन' का ऐलान किया है।

सीजेपी ने जेल भरो आंदोलन का किया एलान

सीजेपी ने जेल भरो आंदोलन का किया एलान

HighLights

  1. सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।

  2. अभिजीत दीपके ने मुंबई में 'जेल भरो आंदोलन' का एलान किया।

  3. आंदोलन चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची सुधार पर केंद्रित होगा।

राज्य ब्यूरो, मुंबई। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने गुरुवार को मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन तेज करने का एलान किया।

उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि जब तक वह पद से नहीं हटते, उनका आंदोलन जारी रहेगा। दीपके ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि मुंबई में दो अक्टूबर को होने वाला उनका आंदोलन रोका गया तो वह जेल भरो आंदोलन करेंगे।

दीपके ने कहा कि सीजेपी गांधी जयंती से मुंबई में आंदोलन शुरू करेगी। इसके बाद आंदोलन को देश के दूसरे शहरों तक ले जाने की योजना है। उन्होंने गोवा, बेंगलुरु और कोलकाता समेत अन्य शहरों में भी आंदोलन करने की बात कही। पुलिस की ओर से प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बाद उन्होंने 'जेल भरो आंदोलन' शुरू करने की घोषणा की।

दीपके ने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा। सीजेपी की ओर से दो अक्टूबर को दादर स्थित शिवाजी पार्क में प्रदर्शन करने की घोषणा की गई है।

हालांकि, पुलिस ने यातायात व्यवस्था, संभावित भीड़ और अनुमति संबंधी नियमों का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। इसके बावजूद दीपके ने आंदोलन जारी रखने की बात दोहराई है।

क्या है सीजेपी की मांग?

प्रेस कॉन्फ्रेंसमें दीपके ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े कई मुद्दे उठाए। सीजेपी की प्रमुख मांगों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को रोकना, जनवरी 2025 की मतदाता सूची बहाल करना और चुनाव आयोग से संबंधित 2023 के कानून में बदलाव शामिल हैं।

दीपके ने कहा कि इन मुद्दों को लेकर उनका संगठन आंदोलन को आगे देशव्यापी स्तर पर ले जाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीजेपी की फंडिंग को लेकर भी सवाल पूछे गए। इस पर दीपके ने सवाल किया कि फंडिंग सार्वजनिक करने का चुनावी प्रक्रिया से क्या संबंध है।

उनके करीब 30 हजार रुपये के जूतों को लेकर पूछे गए सवाल पर भी उन्होंने कहा कि उन्हें इसे लेकर कोई शर्म नहीं है। दीपके ने स्पष्ट किया कि उनके अनुसार सीजेपी का आंदोलन किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में नहीं है।

उनका दावा है कि आंदोलन चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर है। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा और इसे चरणबद्ध तरीके से देश के विभिन्न शहरों तक पहुंचाया जाएगा।