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महाराष्ट्र के मंत्री छगन भुजबल को बड़ी राहत, मुंबई यूनिवर्सिटी लाइब्रेरी घोटाला मामले में हुए बरी

Published: Thu, 24 Sep 2026 03:00 PM (IST)

महाराष्ट्र के मंत्री छगन भुजबल को मुंबई यूनिवर्सिटी सेंट्रल लाइब्रेरी कॉन्ट्रैक्ट घोटाले और रिश्वत मामले में बड़ी राहत मिली है। ...और पढ़ें

महाराष्ट्र के मंत्री छगन भुजबल।

महाराष्ट्र के मंत्री छगन भुजबल।

HighLights

  1. छगन भुजबल को पुराने भ्रष्टाचार मामले में मिली राहत।

  2. मुंबई यूनिवर्सिटी लाइब्रेरी कॉन्ट्रैक्ट घोटाले से बरी हुए।

  3. विशेष अदालत ने अन्य आरोपियों को भी दोषमुक्त किया।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र के कद्दावर मंत्री और एनसीपी (NCP) नेता छगन भुजबल को भ्रष्टाचार के एक पुराने मामले में बड़ी राहत मिली है। मुंबई की एक विशेष अदालत ने गुरुवार को 2016 के मुंबई यूनिवर्सिटी सेंट्रल लाइब्रेरी कॉन्ट्रैक्ट घोटाले और कथित रिश्वत मामले में भुजबल और अन्य आरोपियों को बरी कर दिया है। हालांकि, अदालत का विस्तृत आदेश अभी सामने आना बाकी है।

समझिए क्या था पूरा मामला?

बता दें कि एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने आरोप लगाया था कि जब छगन भुजबल राज्य के पीडब्ल्यूडी (PWD) मंत्री थे, तब उन्होंने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर मुंबई यूनिवर्सिटी के कलिना कैंपस की जमीन के एक हिस्से को लेकर बड़ा खेल किया था।

कम कीमत पर लीज का आरोप

आरोप था कि यूनिवर्सिटी ने अपनी 4 एकड़ जमीन सरकार को लाइब्रेरी बनाने के लिए दी थी। लेकिन पीडब्ल्यूडी ने 2009 में टेंडर जारी कर जमीन के एक हिस्से पर लाइब्रेरी बनवाई और बाकी बची बेशकीमती जमीन एक जाने-माने प्राइवेट डेवलपर को 99 साल के लिए मात्र 1 रुपये प्रति वर्ग मीटर की बेहद कम दर पर लीज पर दे दी।

भारी-भारकम रिश्त लेने का आरोप

मामले में एसीबी का दावा था कि इस गैरकानूनी तरीके से किए गए सौदे के बदले में आरोपियों को भारी-भरकम रिश्वत मिली थी, जिससे राज्य सरकार को भारी वित्तीय नुकसान हुआ था। फिलहाल, विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट ने सुनवाई के बाद छगन भुजबल और इस मामले के अन्य सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। इस फैसले के बाद छगन भुजबल और उनके समर्थकों को बड़ी कानूनी राहत मिली है।