मुंबई, एएनआइ। बॉम्बे हाईकोर्ट सोमवार (17 जनवरी) को भारतीय जनता पार्टी के विधायक और केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के बेटे नितेश राणे की अग्रिम जमानत की अर्जी पर फैसला सुनाएगी। बता दें कि नितेश राणे ने अपने खिलाफ दर्ज हत्या के प्रयास एक मामले में अग्रिम जमानत की मांग की है। बीते वीरवार (4 जनवरी )को अदालत ने उनकी अर्जी पर सुनवाई करते हुए 17 जनवरी को फैसला सुनाने का फैसला किया था। कंकावली विधायक नितेश राणे को बड़ी राहत देते हुए बाम्‍बे हाइकोर्ट ने 4 जनवरी को राज्‍य सकरार को कहा था कि नितेश राणे के खिलाफ किसी प्रकार की दंडात्‍मक कार्रवाई 17 जनवरी तक नहीं की जाएगी।

सिंधुदुर्ग में दर्ज है मामला

भाजपा विधायक नितेश राणे के खिलाफ सिंधुदुर्ग के कंकावली पुलिस स्‍टेशन में धारा 307 (हत्‍या का प्रयास) और 120 बी (आपराधिक साजिश) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। सिंधुदुर्ग जिले की सत्र अदालत में नितेश राणे की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी जिसके बाद उन्‍होंने हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए अग्रिम जमानत की मांग की थी।

क्‍या है मामला

संतोष परब नामक एक व्‍यक्ति ने नितेश राणे के खिलाफ हत्‍या का प्रयास करने का मामला दर्ज करवाया था। परब ने नितेश पर आरोप लगाया था कि वे बाइक से जा रहा था कि तभी इनोवा में सवार नितेश ने उसको टक्‍कर मारी और घसीटते हुए ले गया। उसके बाद उसे जान से मारने का प्रयास किया। उस व्‍यक्ति का कहना है कि उसने हमलावर का नाम गोते सावंत ओर नितेश राणे सुना था।

क्‍या कहना है राणे का

इस मामले को लेकर नितेश राणे के वकील का कहना है कि ये आरोप निराधार है। जिसने शिकायत दर्ज करवायी वह शिवसेना का कार्यकर्ता है। राज्‍य सरकार के इशारे पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। वकील का कहना है कि राणे ने शिवसेना नेता को चिढ़ाया था जिसके बाद ये कार्रवाई की जा रही है।

Edited By: Babita Kashyap