'पूरा शहर गंदगी से भरा पड़ा, हम कार्रवाई करेंगे'; मुंबई में कचरे की समस्या पर HC की BMC को फटकार
मुंबई में कचरे की समस्या पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने ...और पढ़ें
-1789103617497_m.webp)
बॉम्बे हाईकोर्ट।
HighLights
हाईकोर्ट ने मुंबई में कचरे की समस्या पर BMC को फटकारा।
अदालत ने लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
कचरा फैलाने वालों पर जुर्माना, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की मदद का सुझाव।
डिजिटल डेस्क, मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के लिए कचरा एक बड़ी चुनौती के तौर पर है। ऐसे में इसी मामले में संबंधित एक याचिका पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने देश के सबसे अमीर नागरिक निकाय यानी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) को कड़ी फटकार लगाई है।
शहर में सड़कों पर फैल रहे कचरे को लेकर नाराजगी जताते हुए अदालत ने कहा कि पूरा शहर गंदगी से भरा हुआ है। क्या बीएमसी की मशीनरी पूरी तरह से निष्क्रिय हो गई है?
कौन सी याचिका पर चल रही थी सुनवाई?
बता दें कि कन्नमवार नगर के रहने वाले कुछ स्थानीय नागरिकों ने कंजूरमार्ग डंपिंग ग्राउंड की वजह से फैल रहे प्रदूषण और गंदगी के खिलाफ हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस नीला गोखले की खंडपीठ ने बीएमसी से तीखे सवाल पूछे।
पूरा शहर कचरे में डूबा हुआ है- हाई कोर्ट
कोर्ट ने बीएमसी को फटकार लगाते हुए कहा कि क्या पूरा शहर कचरे में डूबा हुआ है? क्या बीएमसी की मशीनरी पूरी तरह से निष्क्रिय हो गई है? हर तरफ सिर्फ गंदगी ही गंदगी नजर आ रही है।
कोर्ट ने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि हम लापरवाह बीएमसी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। लगता है सिस्टम बिल्कुल काम नहीं कर रहा है। आपके पास सफाई के लिए एक सही एसओपी (SOP) होनी चाहिए। हम किस मुंह से खुद को एक अंतरराष्ट्रीय शहर कह रहे हैं?
वार्ड अधिकारियों पर गिरेगी गाज
अदालत ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अब शहर के हर वार्ड में गंदगी के लिए उस क्षेत्र के वार्ड ऑफिसर को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया जाएगा। अगर वे अपने कर्तव्यों का पालन करने में विफल रहते हैं, तो उनके खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्रवाई की जाएगी।
कोर्ट ने आगे कहा कि अब हम इन अधिकारियों को भी जवाबदेह बनाएंगे और उनके खिलाफ भी सख्त एक्शन लिया जाएगा। बहुत हो गया, अब और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। बीएमसी हमें सिर्फ झूठे आश्वासन दे रही है। बेंच ने यह भी कहा कि उनके पास अब इसके अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है कि वे बीएमसी कमिश्नर को खुद कमान संभालने और जवाबदेही तय करने का निर्देश दें।
'सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की लें मदद'
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि यह एक बेहद गंभीर और पीड़ादायक मामला है। शहर में कुछ ऐसी जगहें तय हैं जहां हमेशा कचरे के ढेर लगे रहते हैं, इसके बावजूद संबंधित वार्ड अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते।
अदालत ने बीएमसी को यह सलाह भी दी कि वे स्वच्छता अभियानों के लिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की मदद लें। इसके अलावा, सड़कों पर कचरा फैलाने या गंदगी करने वालों पर भारी जुर्माना लगाने और उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज करने पर भी विचार किया जाए। इस मामले की अगली सुनवाई अब 7 अक्टूबर को होगी।
