डॉक्टरों से मारपीट करने वाले शिवसेना पार्षद को वापस जाना होगा जेल, हाई कोर्ट ने रद की जमानत
ठाणे के एक सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों पर हमला करने वाले शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे की बॉम्बे हाई कोर्ट ने जमानत रद कर दी है।

शिवसेना कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे की जमानत रद

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, ठाणे। ठाणे के एक सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों और दूसरे स्टाफ सदस्यों पर रमेश म्हात्रे के हमले को गंभीरता से लेते हुए, बॉम्बे हाई कोर्ट ने शिवसेना पार्षद की जमानत रद कर दी है।
साथ ही उन्हें रविवार 19 जुलाई शाम 5 बजे तक सरेंडर करने का आदेश दिया है। शनिवार को सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाई कोर्ट ने म्हात्रे और उनके साथियों को मिली जमानत का स्वतः संज्ञान लिया।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने क्या कहा?
बॉम्बे हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे और न्यायाधीश गौतम अंखाड की खंडपीठ ने कहा कि कल्याण की मजिस्ट्रेट कोर्ट, जिसने म्हात्रे को जमानत दी थी, ने इस बात पर ठीक से विचार नहीं किया कि म्हात्रे का नाम 18 आपराधिक मामलों में शामिल था, जिनमें हत्या और हत्या की कोशिश के मामले भी शामिल हैं।
खंडपीठ ने कहा, 'भले ही उन्हें 17 मामलों में बरी कर दिया गया हो, लेकिन कोर्ट को इस बात पर विचार करना चाहिए था कि उनका नाम 18 मामलों में था, जिनमें से कुछ अपराध बहुत गंभीर प्रकृति के थे।'
बेंच का डॉक्टरों से आग्रह
न्यायाधीशों ने महाराष्ट्र में डॉक्टरों, खासकर नगर निगम और सरकारी अस्पतालों में काम करने वाले डॉक्टरों के 22 जुलाई को हड़ताल पर जाने के फैसले पर भी ध्यान दिया।
म्हात्रे और उनके साथियों की जमानत रद करने के बाद, बेंच ने डॉक्टरों से अपने फैसले पर फिर से विचार करने का आग्रह किया, खासकर 'मानवता की सेवा' को ध्यान में रखते हुए।
