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महाराष्ट्र में ब्लिंकिट की एक यूनिट सस्पेंड, 33 लाख रुपये का एक्सपायर सामान मिलने पर एक्शन

Published: Fri, 23 Oct 2026 11:49 PM (GMT+05:30)

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने भिवंडी में ब्लिंकइट का फूड लाइसेंस निलंबित कर दिया है।

भिवंडी में ब्लिंकइट का फूड लाइसेंस निलंबित

भिवंडी में ब्लिंकइट का फूड लाइसेंस निलंबित

HighLights

  1. ब्लिंकइट का भिवंडी फूड लाइसेंस निलंबित किया गया।

  2. 32.71 लाख रुपये से अधिक का एक्सपायर सामान मिला।

  3. कंपनी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने नियमों का गंभीर उल्लंघन करने के कारण भिवंडी स्थित ब्लिंकइट के फूड लाइसेंस को निलंबित कर दिया है।

एक्सपायर सामान का रिकॉर्ड नहीं 

21 अक्टूबर कंपनी पर छापेमारी की गई। जिसमें लगभग 18,405 खाद्य पदार्थ या तो एक्सपायर हो चुके थे, खराब थे या रिजेक्ट किए गए।

इन सब सामान की कीमत 32.71 लाख रुपये से ज्यादा है और कंपनी इनके डिस्पोसल या रिकॉर्ड का कोई सबूत पेश नहीं कर सकी।

सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए अधिकारियों ने भिवंडी स्थित इस परिसर में लाइसेंस प्राप्त सभी गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से रोकने का सख्त आदेश जारी किया है।

लाइसेंस निलंबित कर FIR दर्ज

FDA अधिकारियों के अनुसार इस न बिकने वाले स्टॉक के वापस बाजार में आकर आम उपभोक्ताओं तक पहुंचने का सीधा खतरा बना हुआ था, जो जनस्वास्थ्य के साथ एक गंभीर खिलवाड़ है।

लाइसेंस निलंबन के बाद FDA ने भिवंडी तालुका पुलिस स्टेशन में ब्लिंकइट के प्रमुख अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कराई।FIR में ब्लिंकइट के पूर्णकालिक निदेशक, फैसिलिटी मैनेजर और स्क्रैप डिस्पोजल से जुड़े कई वेंडरों के नाम शामिल हैं।

आरोपियों पर BNS 2023 की धाराओं और खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 59(i) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

सभी आरोपियों पर इन पर आर्थिक मुनाफा कमाने के लिए एक्सपायर हो चुके खाद्य उत्पादों को बाजार में दोबारा बेचने की साजिश रचने का आरोप लगा है।

पश्चिमी भारत के सबसे बड़े लॉजिस्टिक्स हब में एक्शन

भिवंडी को पश्चिमी भारत का सबसे बड़ा और एशिया के प्रमुख वेयरहाउसिंग व लॉजिस्टिक्स केंद्रों में से एक माना जाता है। यह देश के अग्रणी ई-कॉमर्स, क्विक-कॉमर्स और FMCG ब्रांडों के लिए 'सेंट्रल फुलफिलमेंट नोड' के रूप में काम करता है।

ब्लिंकइट, जोमैटो हाइपरप्योर, स्विगी और अमेजन जैसी कंपनियों के लाखों वर्ग फुट में फैले बड़े वेयरहाउस यहीं स्थित हैं, जहां से शहरों के डार्क स्टोर्स तक सामान सप्लाई किया जाता है।

तुकाराम मुंडे के नेतृत्व में ताबड़तोड़ कार्रवाई

महाराष्ट्र FDA के आयुक्त तुकाराम मुंडे के नेतृत्व में भिवंडी के वेयरहाउसों डार्क स्टोर्स और स्क्रैप नेटवर्क पर लगातार छापेमारी की जा रही है।

जांच में सामने आया है कि बड़ी खाद्य कंपनियों द्वारा नष्ट करने के लिए चिह्नित किए गए एक्सपायर्ड स्टॉक को नियम अनुसार नष्ट करने के बजाय अवैध रूप से स्थानीय व्यापारियों और डिस्काउंट स्टोर्स को बेचा जा रहा था।

हाल ही में FDA और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने इस गैर-कानूनी नेटवर्क से जुड़े खाद्य कंपनियों, गोदामों और निपटान एजेंसियों के 10 व्यक्तियों के खिलाफ अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं।

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