महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण ऑडियो विवाद पर सियासत, BJP ने संजय राउत पर लगाया AI से फर्जी क्लिप बनाने का आरोप
महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण नेता मनोज जरांगे के कथित 500 करोड़ रुपये के ऑडियो क्लिप पर सियासी घमासान तेज हो ...और पढ़ें

मराठा आरक्षण ऑडियो विवाद पर सियासत।
HighLights
भाजपा ने संजय राउत पर एआई से फर्जी ऑडियो बनाने का आरोप लगाया।
राउत ने भाजपा एमएलसी पर ऑडियो लीक करने का दावा किया।
जरांगे ने फडणवीस, शिंदे से मामले की गहन जांच की मांग की।
राज्य ब्यूरो, मुंबई। महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे की ओर से जारी 500 करोड़ रुपये के कथित लेनदेन वाले ऑडियो क्लिप को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है।
भाजपा ने शनिवार को पलटवार करते हुए शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से फर्जी ऑडियो तैयार कराने का आरोप लगाया। भाजपा नेताओं का दावा है कि इस कथित साजिश का मकसद पार्टी की छवि खराब करने के साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच मतभेद बढ़ाना है।
वहीं, राउत ने ऑडियो लीक के पीछे भाजपा के ही एक विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) का हाथ होने का आरोप लगाया है। इस बीच, जरांगे ने फडणवीस और शिंदे से मामले की तह तक जाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
भाजपा प्रवक्ता नवनाथ का बड़ा आरोप
भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन ने आरोप लगाया कि राउत ने नवी मुंबई के वाशी स्थित एक कथित वार रूम से इस पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया। उन्होंने दावा किया कि ऑडियो क्लिप करीब दो महीने की तैयारी के बाद यूट्यूब पर उपलब्ध आवाजों के नमूनों को एआई की मदद से जोड़कर तैयार की गई।
बन के मुताबिक, पहले 100 करोड़ रुपये के आरोप की योजना थी, लेकिन मीडिया का अधिक ध्यान खींचने के लिए कथित रकम बढ़ाकर 500 करोड़ रुपये कर दी गई। उन्होंने राउत के खिलाफ मामला दर्ज करने और इस कथित साजिश में राहुल गांधी से वित्तीय मदद मिलने के आरोपों की जांच कराने की मांग भी की।
भाजपा एमएलसी प्रसाद लाड ने भी राउत को मामले का मुख्य आरोपित और साजिशकर्ता बताते हुए उनसे पूछताछ की मांग की। उन्होंने दावा किया कि कथित ऑडियो की पटकथा शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र 'सामना' के कार्यालय में तैयार की गई। लाड ने कहा कि भाजपा और शिवसेना के बीच दरार डालने की कोशिश सफल नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के घटक दल एकजुट हैं और भाजपा की ओर से इस विवाद को समाप्त मान लिया गया है।
संजय राउत ने आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि ऑडियो क्लिप भाजपा के एक एमएलसी ने लीक की है, जो जरांगे के साथ बातचीत में शामिल था। उन्होंने कहा कि भाजपा में वर्चस्व की लड़ाई तेज हो गई है और यह विवाद उसी का परिणाम है। राउत ने फडणवीस और शिंदे के बीच कथित शीतयुद्ध का आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा चरम पर पहुंच गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री को पहले मामला दर्ज कराना चाहिए और उसके बाद ऑडियो की फोरेंसिक जांच करानी चाहिए। राउत ने कहा है कि बिना मामला दर्ज किए कोई ठोस नतीजा नहीं निकलेगा। बता दें कि गुरुवार को यह विवाद सामने आने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शुक्रवार को कथित ऑडियो क्लिप की फोरेंसिक जांच के आदेश दे चुके हैं।
उसके बाद शनिवार को जालना जिले के अंकुशनगर में पत्रकारों से बातचीत में जरांगे ने आरोप लगाया कि किसानों और आम लोगों के मुद्दे उठाने के कारण उनके खिलाफ साजिश रची गई है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें और मराठा आरक्षण आंदोलन को बदनाम करने के लिए राजनीतिक दलों के धन का इस्तेमाल किया गया। जरांगे ने कहा कि फडणवीस और शिंदे को मामले की जड़ तक पहुंचना चाहिए और अपने खेमे के लोगों को भी बचाना नहीं चाहिए।
