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नागपुर MLC चुनाव: नितिन गडकरी के करीबी की बगावत से भाजपा को हुआ नुकसान? समझें कहां बिगड़ा खेल

Published: Fri, 30 Oct 2026 12:06 PM (IST)Updated: Fri, 30 Oct 2026 12:20 PM (IST)

नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र बीजेपी का गढ़ माना जाता है। आखिर यहां कैसे जीत गई कांग्रेस, यहां जानिए।

पूर्व MLC अनिल सोले (बाएं) और BJP के इस बार के उम्मीदवार सुधाकर कोहाले (दाएं)

पूर्व MLC अनिल सोले (बाएं) और BJP के इस बार के उम्मीदवार सुधाकर कोहाले (दाएं)

HighLights

  1. नागपुर MLC चुनाव में भाजपा को मिली दूसरी बार हार।

  2. कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने भाजपा के गढ़ में जीत दर्ज की।

  3. नितिन गडकरी के करीबी की बगावत से भाजपा को नुकसान हुआ।

डिजिटल डेस्क, नागपुर। भारतीय जनता पार्टी को महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में एक ऐसी सीट पर फिर एक बार हार का सामना करना पड़ा है, जो कि बीजेपी के बड़े नेताओं का किला है।

नागपुर डिवीजन ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र की सीट पर कांग्रेस के अभिजीत वंजारी फिर एक बार MLC चुनाव जीत गए और भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। ये सीट महाराष्ट्र के CM देवेंद्र फडणवीस तथा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह क्षेत्र ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का गढ़ भी है।

भारतीय जनता पार्टी के लिए जब ये सीट इतनी महत्वपूर्ण है तो सवाल उठता है कि आखिर बीजेपी इस सीट पर कैसे दोबारा चुनाव हार गई। MLC चुनाव के इस परिणाम ने बीजेपी के अंदर उम्मीदवारों के चयन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

नितिन गडकरी के करीबी की बगावत

नागपुर डिवीजन ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र की सीट पर कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने BJP के सुधाकर कोहाले को 3,271 वोटों से हराया।

इस चुनाव में बीजेपी ने नितिन गडकरी के करीबी और पूर्व MLC अनिल सोले को टिकट नहीं मिला, जिसके बाद वे निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतर गए।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अनिल सोले के घर जाकर विवाद सुलझाने की कोशिश की, तब जाकर उन्होंने अपना प्रचार रोका। अनिल सोले की इस बगावत से बीजेपी उम्मीदवार सुधाकर कोहाले को कितना नुकसान हुआ, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

15,000 से ज्यादा वोट अमान्य

नागपुर में 15,000 से ज्यादा वोट अमान्य घोषित किए गए। इनमें लगभग 9,000 ऐसे मतपत्र थे, जिन पर कोहाले के नाम के आगे '2' लिखा था, लेकिन बाकी 37 उम्मीदवारों के लिए कोई प्राथमिकता (preference) नहीं दी गई थी। इतनी बड़ी संख्या में वोटों का अमान्य होना, मतदाताओं की गलती या उम्मीदवारों के चयन से उनकी नाराजगी की ओर इशारा करता है।

नागपुर MLC चुनाव के नतीजों के बाद सुधाकर कोहाले ने कहा कि वे अमान्य घोषित किए गए वोटों के खिलाफ अपील करेंगे।

नागपुर BJP के लिए एक प्रतिष्ठित सीट रही है: 1990 से 2014 तक नितिन गडकरी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। चुनाव प्रचार के प्रभारी चंद्रशेखर बावनकुले ने हार की जिम्मेदारी ली। उन्होंने कहा, 'हम यह सुनिश्चित करेंगे कि अगले चुनाव में हम यह सीट जीतें।'

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