मुंबई, एएनआइ। महाराष्ट्र के पालघर लिंचिंग मामले में कासा पुलिस स्टेशन के एक सहायक उप निरीक्षक और दो हेड कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में मंगलवार को दो पुलिस निरीक्षकों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है और 35 पुलिसकर्मियों का तबादला हो चुका है। 

गौरतलब है कि इस मामले में अब तक पांच पुलिसकर्मी निलंबित हो चुके हैं, इससे पहले मंगलवार को महाराष्ट्र सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो इंस्पेक्टरों को सस्पेंड किया था। इन पुलिसकर्मियों को प्राथमिक जांच में हिंसा न रोक पाने का दोषी ठहराया गया था। ये भी कहा गया था कि और लोगों पर भी इस तरह की कार्रवाई हो सकती है।

बता दें कि कुछ दिन पहले महाराष्ट्र के पालघर में 100 से अधिक लोगों की भीड़ ने दो संतों की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। दरअसल ये संत लॉकडाउन के बीच एक कार में सवार होकर सूरत में किसी की अंत्‍येष्टि में शामिल होने जा रहे थे, इनके साथ कार चालक भी था जो इस घटना का शिकार हो गया। वहीं इस पर ग्रामीणाेें का कहना था कि हम लोग इन्‍हें बच्‍चा चोर गिरोह से सं‍बंधित समझ रहे थे क्‍योंकि बीते कुछ दिनों से गांव में बच्‍चा चोरी की घटनायें हो रही हैैं। जब पुलिस से पूछा गया कि लोगों को क्‍यों नहीं रोका गया ताेे उनका कहना था कि वहां इतनी अधिक संख्‍या में लोग थे कि वो कुछ नहीं कर पाये उलटा ग्रामीण पुलिस के वाहनाेेंं को नुकसान पहुंचा रहे थे ।     

इस घटना को लेकर देश भर के लोगों में गुस्‍सा है महाराष्ट्र सरकार अब तक इस मामले में 110 लोगों को हिरासत में ले चुकी है। वहीं दूसरी तरफ अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी ने उद्धव सरकार और पुलिस को साधुओं की हत्या के लिए ज़िम्मेदार ठहराया।

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Posted By: Babita kashyap

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