मुंबई, प्रेट्र। मुंबई पुलिस ने शनिवार को दावा किया कि उसने नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर उत्तर प्रदेश के नोएडा से तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने बताया कि दक्षिण मुंबई निवासी पीडि़त की तरफ से 1.38 लाख रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बाद मुंबई पुलिस की टीम ने नोएडा से चलाए जा रहे एक काल सेंटर पर छापा मारा। अधिकारी ने बताया कि फोन करने वाले ने खुद को एक प्रतिष्ठित जाब पोर्टल का प्रतिनिधि बताते हुए शिकायतकर्ता को बड़े बैंक में नौकरी दिलाने का वादा किया था। पीडि़त ने 12 से 22 अप्रैल के बीच सíवस चार्ज व अन्य शुल्क के रूप में 1.38 लाख रुपये जमा किए। इसके बाद आरोपित ने काल उठाना बंद कर दिया। जांच पता चला कि शिकायकर्ता को नोएडा में स्थित एक काल सेंटर से फोन आते थे।

उन्होंने बताया कि पहली नजर में ऐसा लगता है कि आरोपितों ने नौकरी पाने के इच्छुक कई लोगों से लाखों रुपये की ठगी की है। आरोपितों ने अपने नाम कैलाशचंद रामचंद (29), सतीश कुमार कल्याण सिंह (27) और गीता तेजवीर सिंह (27) बताए। छापे में पुलिस ने 14 मोबाइल फोन, आठ सिम कार्ड, तीन लैपटाप, बैंक के 14 फर्जी पत्र और अन्य सामग्री बरामद की है। आरोपितों को मुंबई लाकर अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें नौ अगस्त तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

गौरतलब है कि मुंबई में अपार्टमेंट दिलाने का झांसा देकर एक व्यक्ति ने महिला प्रोफेसर के साथ 21.64 लाख रुपये की ठगी मार ली। अब लुधियाना के थाना सराभा नगर पुलिस ने उसके खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज करके उसकी तलाश शुरू की है। एएसआइ अवतार सिंह ने बताया कि आरोपित की पहचान फरीदाबाद के बीपीटीपी पार्क सेक्टर 81 निवासी कपिल भाटिया के रूप में हुई। पुलिस ने राजगुरु नगर निवासी दीपिका धीर की शिकायत पर उक्त केस दर्ज किया।

पुलिस कमिश्नर को सितंबर 2020 में दी शिकायत में उन्होंने बताया कि वह इंग्लिश की प्रोफेसर हैं। आरोपित की पत्नी शालिनी भाटिया उनकी स्टूडेंट रह चुकी है। 2014 में दोनों उनके पास आए। दोनों ने उन्हें मुंबई स्थित प्राइम रोज अपार्टमेंट में फ्लैट दिलाने का झांसा देकर उनसे 21,64,500 रुपये ले लिए। उन रुपयाें में उनके साथ उनकी दो बहनों का भी हिस्सा था। मगर उसके बाद आरोपित उन्हें लारे लगाने लग गया। इसी बीच प्रोफेसर यूके और यूएसए चली गईं। वापस लौट कर आने पर उससे बात की तो उसने चेक दे दिए। मगर बैंक में लगाने पर वह चेक भी बाउंस हो गए। अंत में हर तरफ से निराश होकर वो पुलिस के पास चली गईं। मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने आरोप सही पाए जाने पर आरोपित के खिलाफ केस दर्ज करने की सिफारिश कर दी। डीए लीगल की राय लेने के बाद पुलिस ने केस दर्ज करके उसकी तलाश शुरू कर दी है।

Edited By: Sachin Kumar Mishra