इंडिगो और एअर इंडिया दिसंबर से नवी मुंबई से शुरू करेंगी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें, CSMIA के रीडेवलपमेंट का रास्ता होगा साफ
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नवी मुंबई स्थानांतरित करने पर एअर इंडिया ग्रुप और इंडिगो सहमत हो गए हैं।
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दिसंबर से नवी मुंबई से शुरू करेंगी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें। (फाइल)
HighLights
एअर इंडिया, इंडिगो नवी मुंबई हवाई अड्डे पर उड़ानें स्थानांतरित करेंगे।
CSMIA टर्मिनल 1 के पुनर्विकास के लिए जगह मिलेगी।
मुंबई में 'डुअल-एयरपोर्ट सिस्टम' को बढ़ावा मिलेगा।
डिजिटल डेस्क, मुंबई। मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को स्थानांतरित करने को लेकर बना गतिरोध अब खत्म होता दिख रहा है। भारत की दो सबसे बड़ी एयरलाइंस, एअर इंडिया ग्रुप और इंडिगो, इसके लिए सहमत हो गई हैं। एअर इंडिया दिसंबर से और इंडिगो अगले साल फरवरी से अपनी उड़ानें वहां से शुरू करेंगी।
अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड का कहना है कि लगभग 30 लाख यात्रियों को वहां भेजने से CSMIA के टर्मिनल 1 के चरणबद्ध पुनर्विकास के लिए जरूरी जगह मिल जाएगी। पहले चरण का लक्ष्य लगभग 50 लाख यात्रियों को नवी मुंबई स्थानांतरित करना है, जिससे CSMIA में सुरक्षा को बेहतर बनाने, आधुनिकीकरण करने, यात्री सुविधाओं को अपग्रेड करने और हैंडलिंग क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
एयर इंडिया एक्सप्रेस दिसंबर 2026 से चार दैनिक घरेलू उड़ानें शुरू करेगी
एयरलाइंस और अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड की ओर से रविवार को जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया कि एअर इंडिया ग्रुप अपनी कुछ पश्चिम एशियाई सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से NMIA में स्थानांतरित करेगा। एयर इंडिया एक्सप्रेस दिसंबर 2026 से चार दैनिक घरेलू उड़ानें शुरू करेगी, और जनवरी 2027 से कुवैत के लिए नई सेवाएं तथा ओमान के लिए मौजूदा सेवाएं वहां से संचालित होंगी।
एअर इंडिया ग्रुप धीरे-धीरे एयर इंडिया एक्सप्रेस की जेद्दा, रियाद, दम्मम, दोहा, मस्कट और शारजाह जाने वाली सेवाओं को भी NMIA में स्थानांतरित करेगा। उम्मीद है कि यह प्रक्रिया IATA के 'नॉर्दर्न समर 2027' सीजन तक पूरी हो जाएगी।
इंडिगो CSMIA से रोजाना 12 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को स्थानांतरित करेगी
इंडिगो ने कहा कि NMIA में अपने विस्तार के तहत, इंडिगो चरणबद्ध तरीके से CSMIA से अपनी 12 दैनिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को NMIA में स्थानांतरित करेगी। इसमें बहरीन, रियाद, दम्मम, जेद्दा, मदीना, कुवैत, रास अल खैमाह, फुजैराह, मस्कट, ढाका और जकार्ता के लिए वर्तमान में CSMIA से संचालित होने वाली सभी उड़ानें शामिल हैं। इसके अलावा, काठमांडू के लिए भी एक दैनिक उड़ान शुरू की जाएगी। इस तरह, फरवरी से जुलाई 2027 के बीच NMIA से इंडिगो का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क कुल 12 गंतव्यों तक पहुंच जाएगा।
इंडिगो और AAHL द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि इन अंतरराष्ट्रीय सेवाओं को सपोर्ट करने के लिए, इंडिगो अपनी घरेलू कनेक्टिविटी को CSMIA से NMIA में स्थानांतरित करेगा, जिससे ग्राहकों को आगे की यात्रा के लिए निर्बाध कनेक्शन मिल सके।
अंतरराष्ट्रीय और घरेलू सेवाओं के बीच यात्रियों को एक सुगम ट्रांसफर
बयान में आगे कहा गया कि इंडिगो के साथ मिलकर, AAHL ने NMIA में जरूरी बुनियादी ढांचा तैयार करने पर काम किया है, ताकि इंडिगो की अंतरराष्ट्रीय और घरेलू सेवाओं के बीच यात्रियों को एक सुगम और कुशल ट्रांसफर अनुभव मिल सके। यह इंडिगो की उस विस्तार रणनीति का अगला कदम है, जिसके तहत NMIA को एक दीर्घकालिक अंतरराष्ट्रीय हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।
बदलाव एयरपोर्ट ऑपरेटर के साथ लगातार सहयोग का परिणाम- एअर इंडिया
एअर इंडिया का कहना है कि यह बदलाव एयरपोर्ट ऑपरेटर के साथ लगातार सहयोग का परिणाम है। यह भारतीय और अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों के लिए एयरपोर्ट ट्रांजिशन प्रोग्राम का हिस्सा है और इससे CSMIA टर्मिनल 1 के बहुप्रतीक्षित पुनर्विकास में मदद मिलेगी।
इस चरणबद्ध बदलाव से मुंबई के 'डुअल-एयरपोर्ट सिस्टम' के विकास को भी बल मिलेगा। साथ ही, इससे एयर इंडिया ग्रुप बाजार में अपनी सेवाएं कुशलतापूर्वक जारी रख सकेगा और CSMIA में अपने मौजूदा ऑपरेटिंग स्लॉट्स के ऐतिहासिक महत्व को भी बनाए रख सकेगा।
बदलाव से दो अन्य उद्देश्यों को पूरा करने में भी मदद मिलेगी- इंडिगो
इंडिगो ने कहा कि CSMIA में इस बदलाव से दो अन्य उद्देश्यों को पूरा करने में भी मदद मिलेगी। पहला, इससे 2027 में इंडिगो के अंतरराष्ट्रीय विस्तार के लिए जगह बनेगी। कंपनी अपने बढ़ते हुए A320/321 और A321XLR विमानों के बेड़े का उपयोग करके एशिया, अफ्रीका और यूरोप में नई सेवाएं शुरू कर सकेगी, और ऐसा करते समय पहले से ही क्षमता की कमी झेल रहे एयरपोर्ट पर कोई अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा।
दूसरा, घरेलू परिचालन में होने वाले इस बदलाव से CSMIA टर्मिनल 1 के 2030 तक होने वाले पुनर्विकास के लिए जरूरी क्षमता कटौती में इंडिगो का योगदान भी सुनिश्चित होगा। इंडिगो और AAHL मिलकर काम करना जारी रखेंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि CSMIA टर्मिनल 1 के पुनर्विकास के लिए इंडिगो की सेवाओं में जो भी बदलाव करने पड़ें, उन्हें CSMIA टर्मिनल 2 में समायोजित किया जा सके।
