मुंबई। ठाणे पुलिस और दो दर्जन एनएसजी कमांडोज की टीम ने बुधवार को शीलफाटा क्षेत्र में 50 साल पुराने 59 जिंदा बम निष्क्रिय कर दिए। विशेषज्ञों की मानें तो ये बम पूरे शहर को तबाह करने की ताकत रखते थे।

ये बम एक स्थानीय कबाड़ी को दो साल पहले दाईघर गांव के पास जमीन में गड़े मिले थे। पुलिस ने बमों को जांच के लिए मुंबई के भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) भेजा था। वैज्ञानिकों ने इन्हें जिंदा बताया था, यानी इनमें विस्फोट हो सकता था। इसके बाद पुलिस ने सेना को सूचित किया। सेना के ही निर्देश पर एनएसजी कमांडो ने सोमवार को बमों का निरीक्षण किया था। माना जा रहा है कि वर्षो पहले सेना द्वारा उपयोग किए जाने वाले ये बम मिसफायर होने के कारण बेकार मानकर यहां गाड़ दिए गए रहे होंगे।

बुधवार को ये बम शीलफाटा क्षेत्र की पहाडि़यों में ले जाए गए। करीब एक किलोमीटर क्षेत्र की घेराबंदी की गई। आसपास के ग्रामीणों को भी सुरक्षित दूरी पर रहने के निर्देश दिए गए। बमों को निष्क्रिय करने के लिए कई गढ्डे खोदे गए थे। हर गढ्डे में पांच-छह बम रखकर उन्हें मिट्टी से ढक दिया गया। इसके बाद सुरक्षित विस्फोट कर उन्हें निष्क्रिय कर दिया गया। मौके पर चिकित्सकों की टीम और एंबुलेंस भी मौजूद थी। 

Posted By: Bhupendra Singh

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