मुंबई, एएनआइ। महाराष्ट्र में भांडुप के सावित्रीबाई फुले प्रसूति अस्पताल में कथित तौर पर सेप्टिक शाक के कारण पिछले तीन दिनों में चार शिशुओं की मौत हो गई है। इस बीच, शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे ने चिकित्सा अधिकारी को निलंबित करने की घोषणा कर मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। गौरतलब है कि सेप्टिक शाक एक खतरनाक बीमारी है, इस बीमारी की वजह से मरीज के कई अंग एक साथ क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। ये स्थिति मरीज के लिए जानलेवा हो सकती है। सेप्टिक शाक तब होता है, जब किसी व्यक्ति का ब्लडप्रेशर किसी संक्रमण के बाद खतरनाक स्तर तक गिर जाता है। इस बीमारी में मरीज का ब्लड सर्कुलेशन बिगड़ जाता है, जिससे बाडी में सूजन आ जाती है। इस बीमारी से अब तक प्रदेश और देश में कई लोगों की जान जा चुकी है।

सेप्टिक शाक बीमारी इतनी खतरनाक है कि इसका असर बाडी के महत्वपूर्ण अंगों पर पड़ता है। इससे ब्लड क्लाट बनने लगते हैं। मरीज का ब्लड प्रेशर खतरनाक स्तर तक गिरने लगता है। इसमें शरीर के अंगों को पर्याप्त आक्सीजन व न्यूट्रिएंट्स नहीं मिल पाते हैं। डाक्टरों के मुताबिक, अगर इस बीमारी के लक्षणों को शीघ्र ही पहचान करके इलाज कर लिया जाए तो गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है। इस बीमारी की वजह से अंगों पर बेहद बुरा असर पड़ता है। अंग काम करना बंद कर सकते हैं। अंगों द्वारा काम करना बंद होने वाली स्टेज को सेप्टिक शाक कहा जाता है, जिसकी वजह से मरीज की मौत तक हो सकती है। सेप्टिक शाक बीमारी की वो कंडीशन है, जब शरीर की कोशिकाओं में संक्रमण फैलने लगता है, और इससे लड़ने वाले केमिकल या दवाइयों को जब खून के जरिए प्रवाह कराया जाता है, तो ये इंफेक्शन लड़ते हुए बाडी के अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंचाने लगता है। यह बीमारी किसी भी उम्र के व्यक्ति को अपनी चपेट में ले तेती है।

Edited By: Sachin Kumar Mishra