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कान्हा टाइगर रिजर्व में दो बाघों की संदिग्ध मौत, हाई कोर्ट ने दिए जांच के निर्देश

Published: Tue, 27 Oct 2026 05:00 AM (IST)

कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघों की संदिग्ध मौत और कैनाइन डिस्टेंपर वायरस की आशंका पर हाई कोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है।

बाघों की मौत पर जांच के आदेश। (फाइल फोटो।)

बाघों की मौत पर जांच के आदेश। (फाइल फोटो।)

HighLights

  1. कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघों की संदिग्ध मौत का मामला।

  2. हाई कोर्ट ने दो बाघों की मौत की जांच के दिए निर्देश।

  3. कैनाइन डिस्टेंपर वायरस संक्रमण की आशंका पर चिंता व्यक्त।

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघों की संदिग्ध मौत और कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (सीडीवी) संक्रमण की आशंका से जुड़ी जनहित याचिका पर हाई कोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है।

सोमवार को मुख्य न्यायाधीश अल्पेश यशवंत कोगजे और न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने सितंबर-अक्टूबर में हुई दो और बाघों की मौत के कारणों की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी।

मुंबई के चेंबूर निवासी अधिवक्ता सुब्रत चक्रवर्ती की याचिका में कान्हा में बाघों की मौत और वन्यजीवों को संक्रमण से बचाने के उपायों पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता ने कहा कि संक्रमण बाघ के स्वाभाविक व्यवहार को प्रभावित कर सकता है, वह आक्रामकता व शिकार करने की प्रवृत्ति खो सकता है।

याचिका के अनुसार, कान्हा में अब तक 20 बाघों की संदिग्ध मौत को सीडीवी से जुड़ी बताया गया है। इनमें पांच बाघों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में वायरस को मौत का कारण बताया गया। दो बाघों का मुक्की स्थित वन्यजीव उपचार केंद्र में उपचार किया गया था।

याचिका में संक्रमित कुत्तों और उन सामूहिक जलस्रोतों को वायरस फैलने की संभावित वजह बताया गया है, जहां वन्यजीव पानी पीने आते हैं। संक्रमण रोकने के लिए प्रभावी निगरानी, उपचार और निवारक उपायों की मांग की गई है।

राज्य सरकार ने बताया कि कान्हा सहित प्रदेश के अन्य टाइगर रिजर्व के आसपास दो हजार से अधिक कुत्तों का टीकाकरण हुआ है। पीठ ने धनराशि में कटौती पर केंद्र से जवाब मांगा है।