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मध्यप्रदेश के सिवनी SNCU में 6 महीने में 80 नवजातों की मौत, जांच के लिए बनी चार सदस्यों की टीम

Published: Wed, 14 Oct 2026 11:32 PM (IST)

सिवनी जिला अस्पताल के एसएनसीयू में छह माह में 80 नवजातों की मौत के बाद प्रभारी को हटा दिया गया ...और पढ़ें

भोपाल में मुख्यमंत्री को बच्चों की मृत्यु की समस्या संबंधी पत्र सौंपते विधायक दिनेश राय। ।सौजन्य- विधायक कार्यालय)

भोपाल में मुख्यमंत्री को बच्चों की मृत्यु की समस्या संबंधी पत्र सौंपते विधायक दिनेश राय। ।सौजन्य- विधायक कार्यालय)

HighLights

  1. भाजपा विधायक दिनेश राय ने किया था औचक निरीक्षण।

  2. लापरवाही के बाद एसएनसीयू प्रभारी को पद से हटाया गया।

  3. कम वजन और समय से पहले जन्म मुख्य कारण रहे।

डिजिटल डेस्क, सिवनी। बीते पांच माह में जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में 80 नवजात शिशुओं की मौत के बाद प्रभारी को हटा दिया गया है। सिवनी से भाजपा विधायक दिनेश राय ने रविवार को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था।

इसके बाद जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डा. पंकज दुबे ने जांच दल गठित किया। जांच के बाद उन्होंने मंगलवार को एसएनसीयू का प्रभार डा. पारस पटेरिया के स्थान पर शिशु रोग विशेषज्ञ डा. विनोद दहायत को सौंपने का आदेश जारी कर दिया।

सीएमएचओ डा. पंकज दुबे व सिविल सर्जन डा. विनोद नावकर ने जांच की तो पता चला कि एक अप्रैल से 30 सितंबर तक एसएनसीयू में भर्ती किए गए 1088 शिशुओं में 80 की मृत्यु हुई है। इनमें से 60 शिशुओं का वजन सामान्य से कम था, जिनमें से 44 शिशु 400 से 1500 ग्राम के थे।

इन 80 मृत शिशुओं में 58 प्रिमेच्योर व 22 को जन्म के दौरान मस्तिष्क को गंभीर आक्सीजन की कमी और रक्त संचार अवरोध के कारण एसएनसीयू में भर्ती कराया गया था। इनमें से 39 शिशु जिला अस्पताल सिवनी में जन्मे थे। विधायक दिनेश राय मुनमुन के अनुसार एसएनसीयू वार्ड में नवजात शिशुओं की मृत्यु और देखभाल में लापरवाही की लगातार शिकायतें मिल रही थी।