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MP कांग्रेस आईटी सेल कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर हाई कोर्ट ने जताई नाराजगी, राजस्थान पुलिस को निर्देश- 27 अप्रैल को तीनों को पेश करें

Published: Wed, 22 Apr 2026 10:52 PM (GMT+05:30)

हाईकोर्ट ने भोपाल के पुलिस कमिश्नर से पूछा- बिना ट्रांजिट रिमांड या कानूनी प्रक्रिया के राजस्थान पुलिस को कैसे सौंपा? ...और पढ़ें

मप्र हाईकोर्ट भवन (फाइल फोटो)

मप्र हाईकोर्ट भवन (फाइल फोटो)

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पत्र को इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट करने के मामले में मध्य प्रदेश कांग्रेस आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं की भोपाल से गिरफ्तारी पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने भोपाल के पुलिस कमिश्नर से पूछा है कि बिना ट्रांजिट रिमांड या कानूनी प्रक्रिया का पालन किए कार्यकर्ताओं को राजस्थान पुलिस को कैसे सौंप दिया?

मामले में कोर्ट ने भोपाल के पुलिस कमिश्नर, भोपाल क्राइम ब्रांच के एसएचओ और राजस्थान के ज्योति नगर थाना पुलिस के एसएचओ सज्जन सिंह को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने राजस्थान पुलिस को तीनों कार्यकर्ताओं को अगली सुनवाई पर 27 अप्रैल को पेश करने के निर्देश भी दिए।

कोर्ट ने भोपाल में जहांगीराबाद स्थित पुलिस परिवहन व अनुसंधान संस्थान के गत 20 अप्रैल को दोपहर दो बजे से 21 अप्रैल को शाम पांच बजे तक सीसीटीवी फुटेज भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

मामले में भोपाल निवासी खिजर खान सहित अन्य की ओर से अधिवक्ता एचएस छाबड़ा ने पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि 20 अप्रैल की सुबह लगभग तीन बजे भोपाल साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में पुलिस द्वारा कांग्रेस आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं- निखिल, बिलाल व इनाम को अवैध रूप से हिरासत में लिया गया था। उन्हें दो दिनों तक किसी भी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश नहीं किया गया है।

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वहीं शासन की ओर से दलील दी गई कि राजस्थान पुलिस की मौखिक सूचना पर तीनों को पुलिस थाने बुलाकर पूछताछ की गई और फिर उनके परिवार वालों को सौंप दिया गया। अगले दिन दोपहर को फिर साइबर सेल बुलाया और राजस्थान पुलिस को सौंप दिया गया। बताया गया कि हिरासत या उनकी गिरफ्तारी का कोई रिकॉर्ड या उन्हें राजस्थान पुलिस को सौंपने से संबंधित कोई दस्तावेज उन्हें नहीं भेजा गया है। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि पुलिस का पूरा बयान झूठा और मनगढ़ंत है।