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MP हाईकोर्ट में बचाव पक्ष की अनूठी रणनीति: वकील ने अपने ही 6 मुवक्किलों की जमानत अर्जी वापस ली, 2 को मिली राहत

Published: Wed, 08 Jul 2026 05:03 PM (IST)

इस रणनीति के नतीजतन, बिना आपराधिक रिकॉर्ड वाले दो आरोपितों को 50-50 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत मिल गई, ...और पढ़ें

वकील ने अपनाई अनूठी रणनीति (प्रतीकात्मक चित्र)

वकील ने अपनाई अनूठी रणनीति (प्रतीकात्मक चित्र)

HighLights

  1. रीवा मारपीट मामले में हाई कोर्ट में सुनवाई हुई।

  2. वकील ने छह मुवक्किलों की जमानत अर्जी वापस ली।

  3. दो आरोपितों को 50-50 हजार के मुचलके पर जमानत मिली।

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में रीवा के चर्चित मारपीट और घर में घुसकर हमला करने के मामले की सुनवाई के दौरान एक दिलचस्प कानूनी घटनाक्रम देखने को मिला। न्यायमूर्ति एके निरंकारी की एकलपीठ के समक्ष बचाव पक्ष के वकील ने अपने ही आठ मुवक्किलों में से छह की जमानत अर्जियां वापस लेने की अनुमति मांगी, ताकि आपराधिक रिकॉर्ड से मुक्त दो आरोपितों के मामले पर अलग से विचार हो सके।

यह है मामला

मामला रीवा में दो पक्षों के बीच हुए खूनी संघर्ष, घर में घुसकर मारपीट और धमकी देने से जुड़ा है। इस प्रकरण में सभी आठ आरोपित हाई कोर्ट से जमानत की मांग कर रहे थे। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि छह आरोपितों के विरुद्ध पहले से गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि दो आरोपितों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।

वकील ने दलील दी कि यदि सभी की जमानत याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई होती है, तो बेदाग आरोपितों के मामले पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसी आधार पर छह आरोपितों की जमानत अर्जियां फिलहाल वापस लेने की अनुमति मांगी गई।

वहीं, राज्य शासन की ओर से जमानत का विरोध करते हुए कहा गया कि घटना में पीड़ितों को गंभीर चोटें आई हैं और कई लोगों के फ्रैक्चर भी हुए हैं। इसलिए आरोपितों को राहत देना उचित नहीं होगा।

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कोर्ट ने मंजूर की दो की जमानत

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने जिन दो आरोपितों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं पाया, उन्हें 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत प्रदान कर दी। साथ ही शेष छह आरोपितों की जमानत अर्जियां वापस लेने की अनुमति देते हुए उन्हें छह माह बाद दोबारा जमानत आवेदन प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता भी दी।