मंडला में घर के बाहर सो रही महिला पर बाघ ने किया हमला, सिर पकड़कर खींचा; बेटे की बहादुरी से बची जिंदगी
मंडला के अरौली गांव में कान्हा टाइगर रिजर्व से निकले एक बाघ ने घर के बाहर सो रही 46 वर्षीय ...और पढ़ें

बाघ को ट्रैक्यूलाइज कर रेस्क्यू किया गया। (सौजन्य- वन विभाग)
HighLights
मंडला के अरौली गांव में बाघ ने महिला पर हमला किया।
बेटे ने शोर मचाकर मां को बाघ से बचाया, हुई घायल।
वन विभाग ने बाघ को रेस्क्यू कर क्वारंटाइन सेंटर भेजा।
डिजिटल डेस्क, मंडला। कान्हा टाइगर रिजर्व से लगे मंडला के ग्राम अरौली में बुधवार रात बाघ ने घर के बाहर खाट पर सो रही 46 वर्षीय महिला पर हमला कर दिया। बाघ ने महिला का सिर पकड़कर उसे खाट से नीचे गिराया और खींचकर ले जाने का प्रयास किया। इसी दौरान महिला के बेटे की नजर पड़ी और उसके शोर मचाने पर बाघ उसे छोड़कर जंगल की ओर भाग गया।
हमले में गंभीर रूप से घायल रमली बाई पत्नी रेवाराम मरावी को पहले बम्हनी बंजर के शासकीय अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मंडला जिला अस्पताल और फिर जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। वन विभाग ने नियमानुसार तत्काल सहायता राशि भी उपलब्ध कराई है।
रातभर गांव में रहा बाघ, सुबह बाड़ी में दिखा
घटना बुधवार रात करीब 10:15 बजे की है। रमली बाई घर के बाहर खाट पर सो रही थीं। इसी दौरान बाघ वहां पहुंचा और अचानक उन पर झपट पड़ा। उसने महिला का सिर अपने जबड़े में पकड़कर खाट से नीचे गिराया और खींचकर ले जाने लगा।
महिला की आवाज और हलचल सुनकर घर के अंदर सो रहा उनका बेटा बाहर आया। उसने बाघ को देखकर जोर-जोर से शोर मचाया। शोर सुनकर बाघ महिला को छोड़कर वहां से भाग गया। हालांकि, वह रातभर गांव और आसपास के इलाके में ही मौजूद रहा।
गुरुवार सुबह करीब पांच बजे ग्रामीणों ने एक घर की बाड़ी में बाघ को देखा। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित कर ग्रामीणों को सतर्क किया।

हाथियों की मदद से तलाश, ट्रैंक्यूलाइज कर किया रेस्क्यू
बाघ की मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। हाथियों की मदद से वन विभाग की टीम ने बाघ की तलाश की। काफी प्रयास के बाद उसे सुरक्षित तरीके से ट्रैंक्यूलाइज किया गया और रेस्क्यू कर मुक्की स्थित क्वारंटाइन सेंटर भेज दिया गया।
रेस्क्यू अभियान उपसंचालक बफर जोन अमिता केबी, वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. संदीप अग्रवाल, सहायक संचालक सिझौरा आशीष कुमार पांडेय और सहायक वन संरक्षक वन विकास निगम मंडला अर्चना नारनौरे के मार्गदर्शन में किया गया।
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पुलिस, हॉक फोर्स और ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा
ऑपरेशन के दौरान खटिया और टाटरी थाने का पुलिस बल, हॉक फोर्स, राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीय ग्रामीण भी मौजूद रहे। बाघ को देखने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए थे। वन विभाग ने लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की हिदायत दी। रेस्क्यू अभियान के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति सामने नहीं आई।
क्वारंटाइन सेंटर में होगी निगरानी
रेस्क्यू किए गए बाघ को वन्यप्राणी चिकित्सक की निगरानी में मुक्की स्थित क्वारंटाइन सेंटर भेजा गया है। यहां उसके स्वास्थ्य और व्यवहार की जांच की जाएगी। वन विभाग की टीम क्षेत्र में लगातार निगरानी और गश्त कर रही है।
कान्हा टाइगर रिजर्व से सटे होने के कारण अरौली और आसपास के गांवों में वन्यप्राणियों की आवाजाही बनी रहती है। वन विभाग ने ग्रामीणों से रात में अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने, बाघ या किसी अन्य वन्यप्राणी के दिखाई देने पर उसके पास न जाने और तत्काल वन विभाग को सूचना देने की अपील की है।
