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कान्हा रिजर्व में बाघों पर संकट! पांच दिन में तीन शावकों की मौत, मां अमाही बाघिन को लेकर भी चिंता बढ़ी

Published: Mon, 27 Apr 2026 04:07 PM (GMT+05:30)

कान्हा टाइगर रिजर्व में पांच दिनों के भीतर अमाही बाघिन के तीन शावकों की मौत से वन विभाग चिंतित है। ...और पढ़ें

बा​घिन की स्वास्थ्य जांच करते विशेषज्ञ। (सौजन्य- पार्क प्रबंधन)

बा​घिन की स्वास्थ्य जांच करते विशेषज्ञ। (सौजन्य- पार्क प्रबंधन)

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। मंडला जिले के कान्हा टाइगर रिजर्व से चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां सरही परिक्षेत्र में महज पांच दिनों के भीतर तीन शावकों की मौत ने वन विभाग की नींद उड़ा दी है। शनिवार शाम तीसरे मादा शावक ने भी दम तोड़ दिया, जिसके बाद उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए जबलपुर भेजा गया है।

अमाही बाघिन के शावकों पर संकट

मृत तीनों शावक अमाही बाघिन (टी-141) के बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, 21 अप्रैल को यह बाघिन अपने चार शावकों के साथ सरही जोन में देखी गई थी। उसी दिन अमाही नाले के पास एक नर शावक मृत मिला, जिसका पेट खाली था—जिससे भूख से मौत की आशंका जताई गई।

लगातार मिल रहे शव

सके बाद 23 अप्रैल को दूसरे नर शावक का शव ईंटावारे नाला के पास सड़ी-गली हालत में मिला। उसकी मौत के कारणों का अब तक खुलासा नहीं हो सका है। शनिवार को तीसरे शावक की मौत के बाद पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। तीनों शावकों की उम्र करीब एक वर्ष बताई जा रही है।

अप्रैल में चौथे बाघ की मौत

कान्हा टाइगर रिजर्व में अप्रैल माह में अब तक चार बाघों की मौत हो चुकी है। इससे पहले 5 अप्रैल को कन्हारी बीट में एक वयस्क बाघिन की आपसी संघर्ष में मौत हुई थी। लगातार हो रही इन घटनाओं ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है।

कमजोर बाघिन, चौथे शावक पर खतरा

सूत्रों के अनुसार, अमाही बाघिन इन दिनों कमजोर हो गई है और शिकार करने में असमर्थ दिख रही है। आशंका जताई जा रही है कि शावकों को पर्याप्त भोजन नहीं मिल पाया, जिससे उनकी मौत हुई। अब बाघिन के चौथे शावक की सुरक्षा को लेकर भी खतरा मंडरा रहा है।

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वन विभाग मामले की जांच में जुटा है, लेकिन लगातार हो रही मौतों ने वन्यजीव संरक्षण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।