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    सतना में CGST निरीक्षक 20 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार, कैमरा देख मुंह छुपाता नजर आया

    Updated: Wed, 03 Dec 2025 05:51 PM (IST)

    सतना में सीजीएसटी प्रिवेंटिव शाखा के निरीक्षक कुमार सौरभ को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते लोकायुक्त टीम ने रंगेहाथ पकड़ा। निरीक्षक ने ई-वे बिल मामले मे ...और पढ़ें

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    लोकायुक्त टीम की गिरफ्त में आरोपी।

    डिजिटल डेस्क, जबलपुर। सतना में भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां CGST प्रिवेंटिव शाखा में पदस्थ निरीक्षक कुमार सौरभ को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ लोकायुक्त टीम ने गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान निरीक्षक कैमरों से लगातार अपना चेहरा छिपाता नजर आया।

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    फर्म कैलाशराज ट्रैक्टर्स के कर्मचारी वीरेंद्र कुमार शर्मा (33), निवासी राजेंद्र नगर, ने 29 नवंबर को लोकायुक्त रीवा में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार वर्ष 2020-21 के ई-वे बिल प्रकरण (धारा 74) में पेनल्टी न लगाने, छापा न मारने और आगे कोई कार्रवाई न करने के बदले निरीक्षक सौरभ ने 01 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। बातचीत के बाद 60 हजार रुपये पर बात तय हुई, जिसमें से आरोपी ने 20 हजार रुपये की पहली किस्त तुरंत देने का दबाव बनाया।

    शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त रीवा टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। योजना के मुताबिक जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी के सरकारी आवास पर पहुंचकर उसे 20 हजार रुपये दिए, लोकायुक्त टीम ने दबिश देकर उसे पकड़ लिया।

    यह पूरी कार्रवाई उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में की गई। ट्रैप टीम का नेतृत्व निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया ने किया। टीम में निरीक्षक उपेंद्र दुबे, उपनिरीक्षक आकांक्षा शुक्ला, प्रधान आरक्षक मुकेश मिश्रा, आरक्षक पवन पांडे, शाहिद खान, लवलेश पांडे, सुभाष, विजय और मनोज शामिल थे।

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    कार्रवाई का डर दिखाकर वसूल रहा था रकम

    जानकारी के अनुसार आरोपी सौरभ प्रिवेंटिव शाखा में पदस्थ है और धारा 64 व 74 के मामलों की जांच उसके अधिकार क्षेत्र में आती है। शिकायतकर्ता के मुताबिक वर्ष 2020-21 के ई-वे बिल में नॉन-मूवमेंट और टैक्स कम—खरीदी ज्यादा दिखाने का मुद्दा उठाकर निरीक्षक ने सख्त कार्रवाई की धमकी दी।

    शिकायतकर्ता का कहना है कि ई-वे बिल ड्रॉप होना सेलर की प्रक्रिया है और माल न आने पर खरीदार जिम्मेदार नहीं होता, बावजूद इसके आरोपी ने धारा 74 के तहत बड़ी कार्रवाई का डर दिखाते हुए रिश्वत की मांग जारी रखी और अंततः तय रकम लेने को तैयार हो गया।

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    लोकायुक्त टीम अब निरीक्षक सौरभ के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत कार्रवाई आगे बढ़ा रही है।