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AI तस्वीरों-वीडियो ने बिगाड़ा उज्जैन का माहौल! शाही मस्जिद को लेकर भ्रामक पोस्ट डालने वालों पर FIR

Published: Tue, 29 Sep 2026 03:27 PM (IST)

सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन की शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने की कार्रवाई के दौरान हुए ...और पढ़ें

उज्जैन में शाही मस्जिद का बाधक हिस्सा तोड़ने की तैयारी। (फोटो- जागरण)

उज्जैन में शाही मस्जिद का बाधक हिस्सा तोड़ने की तैयारी। (फोटो- जागरण)

HighLights

  1. AI तस्वीरों और भ्रामक संदेशों से उज्जैन में भड़का विवाद।

  2. भड़काऊ इंटरनेट मीडिया पोस्ट प्रसारित करने वालों पर FIR

  3. सिंहस्थ के लिए मार्ग चौड़ीकरण के तहत मस्जिद का कुछ हिस्सा टूटना है।

डिजिटल डेस्क, उज्जैन। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण के लिए उज्जैन की शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने की कार्रवाई के दौरान हुए हंगामे के पीछे इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित भ्रामक संदेशों और AI से बनाए गए वीडियो-तस्वीरों की भूमिका सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, मस्जिद को पूरी तरह तोड़े जाने का झूठा दावा करते हुए कुछ भड़काऊ पोस्ट प्रसारित किए गए और लोगों को मौके पर जुटने के लिए उकसाया गया। इस दौरान भीड़ और पुलिस के बीच टकराव हुआ, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।

पुलिस ने इंटरनेट मीडिया पर कथित तौर पर भ्रामक और भड़काऊ संदेश प्रसारित करने के मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1), 299, 353(2) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने कुछ ऐसे लोगों की पहचान भी की है, जिन्होंने भड़काऊ संदेश साझा किए थे।

बाबरी मस्जिद से जोड़कर किए गए पोस्ट 

पुलिस के अनुसार, इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कुछ संदेशों में शाही मस्जिद की कार्रवाई की तुलना बाबरी मस्जिद विध्वंस से की गई। वहीं, कुछ पोस्ट में लोगों से मस्जिद पहुंचकर कार्रवाई रोकने की अपील की गई। इन संदेशों में प्रशासन द्वारा पूरी मस्जिद गिराए जाने का दावा किया गया, जबकि प्रशासन के मुताबिक, सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद के केवल प्रभावित हिस्से को हटाने पर मस्जिद समिति के साथ सहमति बनी थी।

पुलिस ने बताया कि इमरान खान नामक एक शख्स ने 27 सितंबर को इंस्टाग्राम पर एक संदेश पोस्ट कर लोगों से छत्री चौक पर जुटने की अपील की थी। वहीं, इंस्टाग्राम पर प्रसारित एक अन्य वीडियो में आरिफ पठान नाम के व्यक्ति पर रात दो बजे मस्जिद के पास एकत्र होने का आह्वान करने का आरोप है। पुलिस इन संदेशों और वीडियो की भूमिका की जांच कर रही है।

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रातभर चली बातचीत, सुबह बनी सहमति

प्रशासन के अनुसार, मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने के मुद्दे पर समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ रातभर बातचीत चली। रविवार को मस्जिद के पास बड़ी संख्या में लोग जुटे थे और रातभर वहां मौजूद रहे। सुबह करीब चार से पांच बजे के बीच सहमति बनने की बात सामने आई।

इसके बाद सोमवार को मस्जिद समिति ने स्वयं सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे हिस्से को हटाने का काम शुरू किया। हालांकि, सुबह फिर भीड़ जुट गई और कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।

शाही मस्जिद परिसर में शांति, पुलिस बल तैनात

उज्जैन के कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने मंगलवार को बताया कि शाही मस्जिद परिसर में पूरी तरह शांति है। एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल तैनात है। सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित हिस्से को हटाने का काम भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोबारा शुरू किया जाना है।

कलेक्टर ने कहा कि मस्जिद समिति के सदस्य स्वयं प्रभावित हिस्से को हटा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार को कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया था और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

प्रशासन के मुताबिक, सड़क चौड़ीकरण का काम सिंहस्थ 2028 की तैयारियों का हिस्सा है और मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई सहमति के आधार पर की जा रही है।