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उज्जैन की शाही मस्जिद तोड़ने पर रोक लगाने से हाई कोर्ट का इनकार, मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज

Published: Mon, 28 Sep 2026 04:27 PM (IST)Updated: Mon, 28 Sep 2026 04:39 PM (IST)

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने उज्जैन की शाही मस्जिद के बाधक हिस्से को गिराने पर रोक लगाने ...और पढ़ें

इंदौर हाई कोर्ट (फाइल फोटो)

इंदौर हाई कोर्ट (फाइल फोटो)

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने उज्जैन शाही मस्जिद तोड़ने पर रोक से इनकार किया।

  2. सिंहस्थ 2028 मार्ग चौड़ीकरण के लिए निगम की कार्रवाई उचित।

  3. इंदौर खंडपीठ ने मुस्लिम पक्ष की अपील को खारिज कर दिया।

डिजिटल डेस्क, इंदौर। प्रदेश की पावन नगरी उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच मार्ग चौड़ीकरण की मुहिम के तहत शहर के कंठाल मार्ग पर स्थित शाही मस्जिद के बाधक हिस्से को हटाने को लेकर जहां सोमवार को बवाल हो गया, वहीं इस बीच इस संदर्भ में हाई कोर्ट का अहम फैसला भी आया है।

उज्जैन की शाही मस्जिद पर नगर निगम की कार्रवाई को उचित ठहराते हुए हाई कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज कर दी है। मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर और न्यायमूर्ति जय कुमार पिल्लैई की युगलपीठ ने भोजनावकाश के बाद मामले में सुनवाई करते हुए मस्जिद तोड़ने की कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। विस्तृत आदेश देर शाम तक जारी होगा।

गौरतलब है कि शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने के विरोध में मस्जिद कमेटी ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। मस्जिद पक्ष का दावा है कि यह 100 साल से अधिक पुरानी ऐतिहासिक इमारत है और इसके समर्थन में दस्तावेज भी मौजूद हैं।

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करीब 15 दिन पहले एकलपीठ में याचिका खारिज होने के बाद मस्जिद कमेटी ने युगलपीठ के समक्ष यह मामला प्रस्तुत किया। मस्जिद पक्ष का तर्क था कि वर्ष 1975 में यातायात के लिए मस्जिद की ओर से जमीन दी गई थी और उसी जमीन पर 40 फीट चौड़ी सड़क बनी हुई है। अब हाई कोर्ट की युगलपीठ के फैसले से उज्जैन नगर निगम प्रशासन की कार्रवाई पर मुहर लग गई है।