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‘हनुमानजी यहीं रहना चाहते हैं...’ खड़े हनुमान के विस्थापन के विरोध में उमड़े श्रद्धालु; छेड़ा हस्ताक्षर अभियान

Published: Fri, 11 Sep 2026 08:14 PM (IST)

उज्जैन में खड़े हनुमान प्रतिमा को यथास्थान रखने की मांग को लेकर श्रद्धालुओं ने हस्ताक्षर अभियान चलाया है। मंदिर का ...और पढ़ें

खड़े हनुमान को यथास्थान बनाए रखने श्रद्धालुओं ने चलाया हस्ताक्षर अभियान।

खड़े हनुमान को यथास्थान बनाए रखने श्रद्धालुओं ने चलाया हस्ताक्षर अभियान।

HighLights

  1. उज्जैन में खड़े हनुमान प्रतिमा को हटाने का विरोध।

  2. श्रद्धालुओं ने मंदिर के पास हस्ताक्षर अभियान चलाया।

  3. ढांचा गिरा पर प्रतिमा नहीं हिली, आस्था बढ़ी।

डिजिटल डेस्क, उज्जैन। अपनी स्थापत्य विशेषता के लिए चर्चा में आए उज्जैन के खड़े हनुमान की प्रतिमा को यथास्थान बरकरार रखने के लिए श्रद्धालु उतर आए हैं। इसके लिए शुक्रवार को मंदिर के पास हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। दूसरे शहरों से भी उज्जैन पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने हस्ताक्षर कर मंदिर को न हटाने की मांग की। श्रद्धालुओं के दबाव को देखते हुए माना जा रहा है कि फिलहाल खड़े हनुमान के विस्थापन का निर्णय स्थगित किया जा सकता है।

मंदिर का ढांचा गिरा, लेकिन प्रतिमा नहीं हिली

बता दें कि सिंहस्थ की तैयारी के तहत कंठाल-छत्रीचौक मार्ग चौड़ीकरण की जद में आ रहे खड़े हनुमान मंदिर का ढांचा चार सिंतबर को गिरा दिया गया था। मूर्ति विस्थापित की कई बार कोशिश की गई, लेकिन उसे उठाया नहीं जा सका। ऐसे में इस मूर्ति के प्रति श्रद्धालुओं में श्रद्धा और बढ़ गई। बहुत सारे श्रद्धालु इसे चमत्कार से जोड़ने लगा और माना गया कि हनुमान जी यथास्थान ही रहना चाहते हैं। कोशिश के बाद भी न हटकर उन्होंने यह संदेश दिया है।

तकनीकी जांच के बाद निर्णय लेगा प्रशासन

हालांकि कहा गया कि मूर्ति इतनी गहरी स्थापित की गई है, जिसकी विशेषता के कारण उसे हटाया जाना संभव नहीं हो पाया। श्रद्धालुओं का कहना है कि हनुमानजी यहीं रहना चाहते हैं, इसलिए प्रशासन को विस्थापना का विचार छोड़ देना चाहिए। वहीं, प्रशासन ने विशेषज्ञों से मूर्ति की जांच और इसके तकनीकी और विज्ञानी पहलुओं के अनुसंधान के बाद ही आगे का निर्णय लेना तय किया है।

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उमा ने लिखा सीएम को पत्र

बता दें कि गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने कहा कि हम विकास और आस्था दोनों को साथ लेकर चलते हैं। भोपाल में कमलापति रोड को चौड़ा करते वक्त मस्जिद को नुकसान नहीं पहुंचाया गया था। यही समाधान उज्जैन के खड़े हनुमान को लेकर किया जा सकता है।

विधायक बोले- मार्ग पर्याप्त चौड़ा

वहीं, शुक्रवार को भाजपा नेता और आलोट से विधायक चिंतामण मालवीय भी खड़े हनुमान मंदिर पहुंचे। उन्होंने कहा कि मार्ग पर्याप्त चौड़ा हो चुका। गत सोमवार को इसी मार्ग से भगवान महाकाल की राजसी सवारी भी निकाली गई है और उस दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। ऐसे में मंदिर को यथास्थान रखा जाना चाहिए। विधायक ने कहा कि खड़े हनुमान के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है। इसको देखते हुए उम्मीद है कि मुख्यमंत्री जनभावना के साथ खड़े होंगे।