किशोर कुमार अलंकरण से सम्मानित हुए अभिनेता रघुवीर यादव, बोले- 'रहता भले मुंबई में हूं, लेकिन MP में बसती है आत्मा'
खंडवा में किशोर कुमार की पुण्यतिथि पर अभिनेता रघुवीर यादव को राष्ट्रीय किशोर कुमार अलंकरण से सम्मानित किया गया। संस्कृति ...और पढ़ें

अभिनेता रघुवीर यादव को किशोर कुमार अलंकरण से सम्मानित किया गया। (फोटो- जागरण)
HighLights
अभिनेता रघुवीर यादव को खंडवा में राष्ट्रीय किशोर कुमार अलंकरण से नवाजा गया।
संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने पांच लाख रुपये और प्रशस्ति पट्टिका दी।
गायक सुदेश भोसले ने किशोरदा के गीत गाए, समाधि पर श्रद्धांजलि दी।
डिजिटल डेस्क, खंडवा। किशोर कुमार की पुण्यतिथि पर मंगलवार को अभिनेता रघुवीर यादव को राष्ट्रीय किशोर कुमार अलंकरण से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास व धर्मस्व विभाग मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने सम्मान स्वरूप उन्हें पांच लाख रुपये की राशि एवं प्रशस्ति पट्टिका प्रदान की।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि जनजातीय कार्य एवं गैस राहत विभाग मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, विशेष अतिथि विधायक नारायण पटेल उपस्थित रहे। मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग द्वारा जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस समारोह में गायक सुदेश भोसले ने किशोरदा के नगमों की प्रस्तुति से समां बांध दिया। उन्होंने किशोरदा के साथ बिताए पल भी श्रोताओं से साझा किए। आयोजन में कलेक्टर ऋषव गुप्ता, एसपी अगम जैन सहित बड़ी संख्या में श्रोतागण उपस्थित रहे।
सम्मान पाकर अभिभूत
सम्मानित हुए अभिनेता रघुवीर यादव ने कहा कि आज मैं यह सम्मान पाकर बहुत खुश और अभिभूत हूं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की मिट्टी में अलग ही तासीर है। मैं रहता भले ही मुंबई में हूं, लेकिन मेरी आत्मा मध्यप्रदेश में रहती है। उन्होंने अपने गांव में प्रचलित रसखान के गीतों को भी मंच से गुनगुनाया।
आयोजन में मुख्यमंत्री वर्चुअल जुड़े
आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअल जुड़े। उन्होंने अभिनेता रघुवीर यादव को बधाई देते हुए कहा कि हम आपको किशोर कुमार अलंकरण देते हुए गौरान्वित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किशोरकुमार अद्भुत प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने किशोर दा के गीत रोते रोते हंसना सीखो..., जिंदगी एक सफर सुहाना..., आने वाला पल जाने वाला है जैसे गीतों का जिक्र करते हुए कहा कि ये गीत जीवन दृष्टि जुड़े हैं।
लगा दूध-जलेबी का भोग
इससे पूर्व किशोर कुमार की समाधि पर उनके चाहने वालों का मेला सा लग गया। नगर निगम द्वारा किशोर कुमार की समाधि को फूलों से सजाया गया। फूलों से महकती किशोरदा की समाधि के दर्शन करने के साथ ही प्रशंसकों ने यहां दूध-जलेबी का भोग भी लगाया।
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समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे पार्श्व गायक सुदेश भोसले भावुक हो उठे। उन्होंने समाधि पर पुष्प अर्पित कर दूध-जलेबी का भोग भी लगाया। भोसले ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि किशोरदा जैसे महान कलाकार मेरे गुरु हैं। मुझे किशोरकुमार के साथ चार से पांच साल तक काम करने और मंच साझा करने का मौका मिला है। मैंने उनकी हर कला को सीखने की कोशिश की। ऐसा कलाकर हुआ है, ना होगा।

भोसले ने किशोरकुमार को भारत रत्न दिए जाने के सवाल पर कहा कि वे स्वयं एक रत्न हैं। समाधि स्थल के दर्शन के बाद सुदेश भोसले किशोर कुमार के पुश्तैनी बंगले पर भी पहुंचे। यहां उन्होंने चौकीदार सीताराम सावनेर के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। किशोरदा के जर्जर बंगले की हालत देखकर वे द्रवित हुए, उन्होंने कहा कि मेरे लिए ये बंगला मंदिर है।
