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खंडवा में NVDA उपयंत्री 14000 रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार, बकाया भुगतान-सिक्योरिटी लौटाने के लिए मांगे थे 55 हजार

Published: Wed, 23 Sep 2026 04:24 PM (IST)

नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (NVDA) के उपयंत्री अशोक गौतम को खंडवा के पुनासा में लोकायुक्त इंदौर ने 14 हजार रुपये ...और पढ़ें

लोकायुक्त टीम ने रिश्वतखोर उपयंत्री (इनसेट में) को दबोचा।

लोकायुक्त टीम ने रिश्वतखोर उपयंत्री (इनसेट में) को दबोचा।

HighLights

  1. NVDA उपयंत्री अशोक गौतम 14 हजार रिश्वत लेते पकड़े गए।

  2. ठेकेदार के बकाया भुगतान और सिक्योरिटी के लिए मांगी थी रिश्वत।

  3. लोकायुक्त इंदौर टीम ने पुनासा कार्यालय में की कार्रवाई।

डिजिटल डेस्क, इंदौर। निर्माण कार्य का बकाया भुगतान और सिक्योरिटी डिपॉजिट की राशि लौटाने के एवज में ठेकेदार से रिश्वत मांगना नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (NVDA) के उपयंत्री को भारी पड़ गया। लोकायुक्त इंदौर की टीम ने बुधवार को खंडवा जिले के पुनासा स्थित नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-28 के कार्यालय में कार्रवाई करते हुए 61 वर्षीय उपयंत्री अशोक पुत्र मंजुलाल गौतम को 14 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ लिया।

लोकायुक्त के अनुसार, उपयंत्री ने ठेकेदार से कुल 55 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की रकम उसके पेंट की जेब से बरामद की गई, जिसके बाद पेंट को भी जब्त कर लिया गया।

13 लाख का भुगतान, फिर भी मांगी रिश्वत

लोकायुक्त पुलिस निरीक्षक सचिन पटेरिया के मुताबिक, खरगोन जिले के सनावद क्षेत्र के ग्राम धूलवाड़ा निवासी ठेकेदार लखन राठौर ने 10 सितंबर को इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत की थी।

शिकायतकर्ता ने बताया कि वर्ष 2024 में उसे NVDA पुनासा में चौकीदार कक्ष और जनरेटर कक्ष के निर्माण का ठेका मिला था। निर्माण कार्य पूरा करने के बाद उसने भुगतान के लिए बिल जमा किए थे। उसे करीब 13 लाख रुपये का भुगतान मिल चुका था, लेकिन शेष भुगतान और जमा सिक्योरिटी डिपॉजिट की राशि वापस मिलना बाकी थी।

ठेकेदार का आरोप था कि इसी बकाया भुगतान और सुरक्षा राशि लौटाने के बदले उपयंत्री अशोक गौतम ने उससे 55 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।

शिकायत सत्यापन के बाद कार्रवाई

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने पहले आरोपों का सत्यापन कराया। इस दौरान उपयंत्री द्वारा 55 हजार रुपये रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद लोकायुक्त टीम ने ट्रैप की योजना तैयार की। योजना के तहत बुधवार को निरीक्षक सचिन पटेरिया के नेतृत्व में टीम पुनासा पहुंची। कार्यालय के तकनीकी कक्ष में जैसे ही ठेकेदार ने उपयंत्री अशोक गौतम को 14 हजार रुपये दिए, लोकायुक्त टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया।

पेंट की जेब से मिली रिश्वत की रकम

कार्रवाई के दौरान रिश्वत की रकम अशोक गौतम के पेंट की जेब से बरामद हुई। लोकायुक्त टीम ने रकम के साथ पेंट को भी जब्त कर लिया है। आरोपी उपयंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

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ट्रैप टीम में ये रहे शामिल

यह ट्रैप कार्रवाई लोकायुक्त निरीक्षक सचिन पटेरिया के नेतृत्व में की गई। टीम में प्रधान आरक्षक विजय कुमार, प्रधान आरक्षक विवेक मिश्रा, आरक्षक कमलेश परिहार, आरक्षक शैलेन्द्र सिंह बघेल और आरक्षक कृष्णा अहिरवार शामिल रहे।

लोकायुक्त के अनुसार अशोक गौतम नर्मदा घाटी के पुनासा स्थित संभाग क्रमांक-28 में उपयंत्री के पद पर पदस्थ है। वह वर्तमान में डेम कॉलोनी, नर्मदा नगर, खंडवा स्थित शासकीय आवास में रह रहा था।