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महाकुंभ वायरल गर्ल के जन्म प्रमाण पत्र मामले में हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, महेश्वर नगर परिषद का आदेश निरस्त

Published: Thu, 01 Oct 2026 05:52 PM (IST)

उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने महेश्वर नगर परिषद द्वारा एक युवती के जन्म प्रमाण पत्र में संशोधन के आदेश ...और पढ़ें

इंदौर हाई कोर्ट। (फाइल फोटो)

इंदौर हाई कोर्ट। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने महेश्वर नगर परिषद का आदेश निरस्त किया।

  2. जन्म प्रमाण पत्र में संशोधन बिना सुनवाई के गलत।

  3. सीएमओ को युवती को सुनवाई का अवसर देने का निर्देश।

डिजिटल डेस्क, इंदौर। प्रयागराज महाकुंभ के दौरान चर्चा में आई मध्य प्रदेश के महेश्वर की युवती के जन्म प्रमाण पत्र में संशोधन के मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने महेश्वर नगर परिषद द्वारा 31 मार्च 2026 को जन्मतिथि बदलने संबंधी जारी आदेश को निरस्त कर दिया है।

हाई कोर्ट ने कहा कि जन्मतिथि में बदलाव से संबंधित व्यक्ति के अधिकार और हित प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में संबंधित व्यक्ति को सुनवाई का अवसर दिए बिना जन्म रिकॉर्ड में संशोधन करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के विपरीत है। कोर्ट ने नगर परिषद के सीएमओ को निर्देश दिया है कि युवती को सुनवाई का उचित अवसर देने के बाद कानून के अनुसार मामले में नया निर्णय लिया जाए।

पहले दर्ज थी 1 जनवरी 2008 जन्मतिथि

मामले के अनुसार युवती के माता-पिता ने 30 मई 2025 को महेश्वर नगर परिषद में आवेदन देकर उसकी जन्मतिथि 1 जनवरी 2008 दर्ज करते हुए जन्म प्रमाण पत्र जारी करने की मांग की थी। परिषद ने 5 जून 2025 को इसी जन्मतिथि के आधार पर प्रमाण पत्र जारी कर दिया था।

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रिकॉर्ड के मुताबिक इस जन्मतिथि के आधार पर युवती 1 जनवरी 2026 को वयस्क हो गई थी। इसके बाद उसने 11 मार्च 2026 को अपनी पसंद से विवाह किया।

पिता के आवेदन के बाद बदली गई जन्मतिथि

विवाह के बाद युवती के पिता ने जन्मतिथि में संशोधन के लिए नगर परिषद में आवेदन दिया। इसमें दावा किया गया कि अस्पताल के रिकॉर्ड में उसकी जन्मतिथि 30 दिसंबर 2009 दर्ज है।

इस आधार पर नगर परिषद ने जन्म प्रमाण पत्र में संशोधन करते हुए जन्मतिथि 1 जनवरी 2008 से बदलकर 30 दिसंबर 2009 कर दी। युवती और उसके पति ने नगर परिषद के इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी।

 

आधार और पैन कार्ड का भी दिया हवाला

याचिका में कहा गया कि वर्ष 2015 में जारी आधार कार्ड और पैन कार्ड में भी युवती की जन्मतिथि 1 जनवरी 2008 दर्ज है। याचिकाकर्ताओं ने जन्मतिथि में बदलाव की प्रक्रिया और नगर परिषद के आदेश पर सवाल उठाए।

हाई कोर्ट ने मामले में सुनवाई का अवसर दिए बिना जन्म रिकॉर्ड में बदलाव को उचित प्रक्रिया के अनुरूप नहीं माना और नगर परिषद का आदेश निरस्त करते हुए सीएमओ को कानून के अनुसार दोबारा निर्णय लेने के निर्देश दिए।

महाकुंभ के दौरान चर्चा में आई थी

गौरतलब है कि महेश्वर की यह युवती प्रयागराज महाकुंभ के दौरान चर्चा में आई थी। केरल में एक मुस्लिम युवक से विवाह के बाद उसने प्रेस कान्फ्रेंस कर फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा पर छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे। सनोज मिश्रा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे साजिश और 'लव जिहाद' का मामला बताया था। युवती के स्वजन ने भी उनके पक्ष का समर्थन किया था।