मुझे शुरू से ही परम्परागत तरीके से हटकर काम करने का शौक रहा है। 2004 में जब शहर के उद्योगपति कैलाश बाहेती का बिहार की गैंग ने अपहरण कर फिरौती मांगी तो तय किया कि इसे अपनी टीम के साथ ट्रेस करूंगा। इसमें फिरौती का पैसा भी नहीं देना है, यह हमारे लिए अहम था। ये बातें साइबर सेल इंदौर में एसपी के पद पर तैनात जितेन्द्र सिंह ने कहीं। उनका इंदौर में काम करने का लंबा अनुभव है। उनके कार्यकाल में इंदौर में कई बड़े अपराध हुए, लेकिन जितेन्द्र सिंह ने हर अपराध को ट्रेस किया है।

भोपाल से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने वाले जितेन्द्र सिंह ने स्कॉटलैंड से साइबर फोरेंसिक में मास्टर्स डिग्री ली है। पुलिस सेवा में आने से पहले वह राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम में एक्जीक्यूटिव इंजीनियर के पद पर काम कर चुके हैं। पुलिस सेवा में आने के बाद सीएसपी मल्हारगंज के रूप में इंदौर में उनकी पहली पोस्टिंग रही है।

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ऐसे कराई बाहेती की रिहाई
हम लोग 31 दिन तक शहर से बाहर रहे और आखिरकार बाहेती को सकुशल छुड़वा लिया। इसके बाद सऊदी अरब की आफताब आलम से जुड़ी गैंग के लोगों ने 2005 में नागौरी अपहरणकांड को अंजाम दिया। इसमें भी हमने सफलता हासिल की। सिंह के मुताबिक सुखलिया स्थित देना बैंक में उत्तर प्रदेश के बदमाश आनंद शांडिल्य द्वारा डकैती की घटना को अंजाम देने के साथ ही दूसरे प्रदेश के आरोपियों की नजर हमारे शहर पर पड़ चुकी थी, अपराधियों ने जिन घटनाओं को अंजाम दिया। हमने दुगनी ताकत लगा कर उनको पकड़ लिया।

सब्जी व्यापारी बनकर रहे पुलिस वाले
शहर में हुई एक बैंक डकैती को बांग्लादेशी डकैतों ने अंजाम दिया था। इसे ट्रेस करने के लिए टीम के दो सदस्य संजय और विनोद महरौली के पास डेढ़ महीने तक सब्जी व्यापारी बन कर रहे थे। इसके बाद हमने गिरोह को पकड़ 8 डकैती का खुलासा किया था। इसके अलावा उत्तर प्रदेश की सुरेश भदौरिया गैंग जो हवाला व्यापारियों को लगातार निशाना बना रही थी और लकड़ी व्यापारी की हत्या करने वाले सूरज गिरोह को भी पकड़ कर गिरोह की कमर तोड़ दी थी।

सिंह के मुताबिक अब अपराधियों का अपराध करने का तरीका बदल रहा है, अपराधी तकनीकी तौर पर अपडेट हो रहे हैं, पर पुलिस भी उसी हिसाब से अपडेट हो रही है। मुझे खुशी है कि क्राइम ब्रांच में रहकर मैंने बेहतर काम किया और आज इंदौर क्राइम ब्रांच प्रदेश की सबसे अव्वल क्राइम ब्रांच है। सिंह साइबर सेल में रहकर क्रेडिट कार्ड की डिटेल बेचने वाले, ऑनलाइन एस्कार्ट सर्विस चलाने वाले और ई-वॉलेट हैक करने वाले गिरोह को पकड़ चुके हैं।

- जितेंद्र सिंह, एसपी, राज्य साइबर सेल

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By Nandlal Sharma