कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसब्लिटी (सीएसआर) के लिए निजी कंपनियां आगे आती रही हैं। लेकिन इंदौर एयरपोर्ट प्रबंधन ने भी पहली बार इसमें रूचि दिखाई और सामाजिक क्षेत्र के कार्यों के लिए करोड़ों रूपए खर्च कर दिए। शासकीय कार्यालय द्वारा बड़ी राशि करने का एयरपोर्ट प्रबंधन का यह पहला मामला है।

गत वर्ष 22 अप्रैल को इंदौर एयरपोर्ट की डायरेक्टर बनी अर्यमा सान्याल ने बजट में सीएसआर की संभावना तलाशी। फंड उपलब्ध होने पर उन्होंने इंदौर के दो सरकारी स्कूल के 6 क्लॉस रूम को अपडेट करने की ठानी। 15-15 लाख रूपए लगा कर दोनों क्लास रूम को हाईटेक किया गया। यहां पर कम्प्यूटर प्रोजेक्टर लगाने के बाद मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के सिलेबस को भी कम्प्यूटर में ऑनलाइन करवाया। इतना ही नहीं दोनों स्कूल के वार्षिक मेंटेनेंस का काम भी लिया गया।

देश के सबसे स्वच्छ शहर की सीमा पर स्थित सरकारी स्कूलों में छात्र छात्राओं के लिए स्तरीय शौचालय नहीं होने की जानकारी मिली तो इसके लिए योजना बनाई और काम शुरू करवाया जो अगले माह के अंत तक पूरा हो जाएगा। जिसमें सभी स्कूलों में बालक-बालिकाओं के लिए अलग शौचालय बनाए जा रहे है। छात्रों के लिए कुछ करने के बाद प्रबंधन ने चिकित्सा के क्षेत्र में कुछ करने की ठानी और जिला अस्पताल और अन्य अस्पतालों में सिविल वर्क और मेटरनिटी एम्बुलेंस खरीदने के लिए 6 करोड रूपए का प्रपोजल बना कर मुख्यालय भेजा। इसके लिए प्रबंधन को 1 करोड़ 45 लाख रूपए की राशि स्वीकृत हुई।

जिसमें अब स्वास्थ्य विभाग के साथ अगले माह एमओयू साइन कर यह राशि उन्हें सौंप दी जाएगी। अब प्रबंधन की योजना केंसर पीड़ित मरीजों के लिए कीमोथैरपी के लिए सहायता उपब्लध करवाने की है। अभी इसको लेकर पत्राचार का दौर चल रहा है। वहीं एक संस्था के साथ जुड़कर झुग्गियों में रहने वाली महिलाओं को सेनेटरी नेपकिन देने और स्त्री रोग विशेषज्ञों से उनका चेकअप करवाया जा रहा है। अगली कड़ी में बच्चों की जांच दंत रोग विशेषज्ञों के द्वारा करवाया जाएगा।

अच्छा लगता है मदद करना
सीएसआर को लेकर मेरे पास कई योजनाएं है। इनके माध्यम से किए जाने वाले कामों से अधिक से अधिक लोगों को मदद मिल सके। यहीं हमारा लक्ष्य है।
अर्यमा सान्याल, इंदौर एयरपोर्ट डायरेक्टर

By Krishan Kumar