विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Swachh Vayu Survey 2026: जमीन पर सफाई के बाद हवा में भी इंदौर का जलवा, देश के टॉप-3 शहरों में बनाई जगह

Published: Sun, 06 Sep 2026 05:31 PM (IST)

इंदौर ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में देश के शीर्ष तीन शहरों में जगह बनाई है और उसे दूसरा स्थान मिलने ...और पढ़ें

इंदौर के राजवाड़ा का दृश्य। (फाइल फोटो)

इंदौर के राजवाड़ा का दृश्य। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. इंदौर स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में शीर्ष तीन शहरों में।

  2. संभावना है कि इंदौर को दूसरा स्थान मिलेगा।

  3. 7 सितंबर को दिल्ली में राष्ट्रीय सम्मान समारोह।

डिजिटल डेस्क, इंदौर। स्वच्छता के क्षेत्र में देशभर में पहचान बना चुका इंदौर अब हवा की गुणवत्ता सुधारने में भी बड़ी उपलब्धि की ओर बढ़ रहा है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में इंदौर ने देश के शीर्ष तीन शहरों में जगह बना ली है। नगर निगम से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इंदौर को इस सर्वेक्षण में दूसरा स्थान मिलने की संभावना है। हालांकि, अंतिम और आधिकारिक रैंकिंग की घोषणा सोमवार, 7 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले समारोह में की जाएगी।

इस उपलब्धि के साथ इंदौर को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित भी किया जाएगा। शहर के महापौर और निगमायुक्त को पुरस्कार ग्रहण करने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।

दिल्ली में मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान

7 सितंबर को नई दिल्ली स्थित इंदिरा पर्यावरण भवन के गंगा ऑडिटोरियम में स्वच्छ वायु दिवस कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसी समारोह में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 के परिणामों की औपचारिक घोषणा करेंगे।

इसी कार्यक्रम में इंदौर को 'राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सराहना पुरस्कार' प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार ग्रहण करने के लिए महापौर और निगमायुक्त को आमंत्रण भेजा गया है। निगम के वरिष्ठ अधिकारियों तक भी इस उपलब्धि की जानकारी पहुंच चुकी है।

धूल रोकने से लेकर इलेक्ट्रिक वाहनों तक उठाए कदम

इंदौर की हवा सुधारने के लिए नगर निगम ने कई स्तरों पर काम किया। सड़क की धूल को वायु प्रदूषण का बड़ा कारण मानते हुए मशीनीकृत सफाई पर जोर दिया गया। इसके अलावा शहर में हरियाली बढ़ाने और प्रदूषण कम करने के लिए ग्रीन बेल्ट का विस्तार किया गया।

निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले सीएंडडी वेस्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन पर भी फोकस किया गया। मलबे के अधिकतम हिस्से को रीसाइकिल और रीयूज करने की दिशा में काम हुआ।

वहीं सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देकर वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने की कोशिश की गई। इन प्रयासों का असर शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार के रूप में सामने आया है।

यह भी पढ़ें- MP में शहर से कस्बों तक आसान होगा सफर: इलेक्ट्रिक बस, स्मार्ट टिकटिंग और PPP मॉडल से बदलेगी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था

अब 'साफ हवा' में नंबर वन बनने की दौड़

इंदौर पहले ही लगातार स्वच्छता के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुका है। अब शहर की कोशिश वायु गुणवत्ता के मोर्चे पर भी देश के अग्रणी शहरों में शामिल होने की है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में टॉप-3 में जगह मिलना इसी दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

हालांकि, दूसरे स्थान की चर्चा फिलहाल सूत्रों के हवाले से है। इंदौर की वास्तविक रैंकिंग और अन्य शहरों के मुकाबले उसकी स्थिति की आधिकारिक तस्वीर 7 सितंबर को परिणाम घोषित होने के बाद ही साफ होगी।