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इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज में लापरवाही की हद : नर्स की गलती से डेढ़ माह के मासूम का अंगूठा कटा, जमीन पर गिरा

By Vinay YadavEdited By: Ravindra Soni
Published: Thu, 08 Jan 2026 04:07 PM (IST)

इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज में एक गंभीर लापरवाही सामने आई है। न्यू चेस्ट वार्ड में डेढ़ माह के मासूम ...और पढ़ें

एमजीएम मेडिकल कॉलेज में मासूम के इलाज में घोर लापरवाही।

एमजीएम मेडिकल कॉलेज में मासूम के इलाज में घोर लापरवाही।

HighLights

  1. नर्स की लापरवाही से डेढ़ माह के बच्चे का अंगूठा कटा।

  2. इंट्राकैथ बदलते समय हुई यह गंभीर घटना।

  3. सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में सर्जरी कर अंगूठा जोड़ा गया।

डिजिटल डेस्क, इंदौर। सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज के दावों के बीच इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। न्यू चेस्ट वार्ड में भर्ती डेढ़ माह के मासूम बच्चे का इंट्राकैथ बदलते समय नर्स की गंभीर लापरवाही से अंगूठा कटकर नीचे गिर गया। घटना के बाद बच्चे को आनन-फानन में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल भेजा गया, जहां सर्जरी कर अंगूठे को जोड़ा गया।

हैरानी की बात यह है कि इतनी गंभीर घटना की जानकारी यूनिट के डॉक्टरों द्वारा अस्पताल अधीक्षक को भी नहीं दी गई।

जानकारी के मुताबिक यह घटना बुधवार को न्यू चेस्ट वार्ड में हुई। बच्चे की मां अंजु ने बताया कि वह बेटमा के बजरंगपुरा गांव की रहने वाली हैं। उनके बेटे को निमोनिया की शिकायत के चलते वार्ड में भर्ती कराया गया था। बच्चे के हाथ में रात से सूजन थी। सुबह नर्स को दो बार बुलाया गया, लेकिन वह नहीं आई। तीसरी बार बुलाने पर जब नर्स पहुंची तो इंट्राकैथ बदलने के दौरान सुई निकालते समय बच्चे का हाथ पकड़कर टेप काटने लगी और लापरवाही से कैंची चला दी, जिससे बच्चे का अंगूठा कट गया।

तत्काल सर्जरी कर जोड़ा अंगूठा

घटना के बाद परिजन घबरा गए। बच्चे को तुरंत सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने सर्जरी कर कटे हुए अंगूठे को जोड़ने का प्रयास किया।

स्वजन ने लगाए गंभीर आरोप

स्वजन का आरोप है कि न्यू चेस्ट वार्ड में नर्सें अक्सर मोबाइल फोन में व्यस्त रहती हैं और इलाज को लेकर लापरवाही बरती जाती है। जब नर्सों से इलाज से संबंधित बात की जाती है तो टालमटोल कर दिया जाता है।

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उल्लेखनीय है कि बच्चा सामान्य प्रसव के बाद एमटीएच अस्पताल में जन्मा था। स्वस्थ होने पर उसे घर ले जाया गया था, लेकिन निमोनिया की समस्या के चलते 24 दिसंबर को दोबारा भर्ती कराना पड़ा। घटना ने सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हाथ में चोट लग गई थी

बच्चा 24 दिसंबर को भर्ती हुआ था और सुबह इंट्राकेथ बदलने के दौरान उसके हाथ में चोट लग गई थी। सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में उसका इलाज किया गया है और अब बच्चा स्वस्थ है। - डॉ. निर्भय मेहता, प्रभारी, न्यू चेस्ट वार्ड