80 लाख की आय, 4.60 करोड़ की संपत्ति! इंदौर नगर निगम अधिकारी के ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा
इंदौर नगर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी जितेंद्र कुमार पांडेय के ठिकानों पर लोकायुक्त ने छापा मारा, जिसमें उनकी ज्ञात ...और पढ़ें

राजस्व अधिकारी के घर कार्रवाई करती लोकायुक्त की टीम।
HighLights
इंदौर ARO जितेंद्र पांडेय के ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा।
करीब 4.60 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति का खुलासा।
ज्ञात आय से 474.84% अधिक संपत्ति मिली।
डिजिटल डेस्क, इंदौर। नगर निगम में पदस्थ सहायक राजस्व अधिकारी (ARO) जितेंद्र कुमार पांडेय के ठिकानों पर शुक्रवार सुबह लोकायुक्त पुलिस ने एक साथ छापेमारी की। तलाशी के दौरान अधिकारी की आय के मुकाबले बड़ी मात्रा में संपत्ति और निवेश से जुड़े दस्तावेज सामने आए हैं। लोकायुक्त के प्रारंभिक आकलन में करीब 4.60 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति मिली है। जांच एजेंसी के मुताबिक यह उनकी ज्ञात आय की तुलना में 474.84 प्रतिशत अधिक है।
लोकायुक्त एसपी डॉ. राजेश सहाय के अनुसार, टीम ने अधिकारी के निवास, छात्रावास से संबंधित संपत्तियों और अन्य ठिकानों पर तलाशी लेकर नकदी, आभूषण, घरेलू सामान, बैंक खातों और जमीनों से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी जुटाई है।
जमीन और भवन निर्माण पर 1.20 करोड़ खर्च
प्रारंभिक जांच में सबसे बड़ा खर्च भूमि और भवन निर्माण पर सामने आया है। लोकायुक्त के अनुसार इस मद में करीब 1.20 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का विवरण मिला है।
इसके अलावा अधिकारी के घर में मिले घरेलू सामान की इन्वेंट्री का मूल्य करीब 60.23 लाख रुपये आंका गया है। तलाशी के दौरान करीब 60.48 लाख रुपये के सोने के आभूषण और 4.07 लाख रुपये की चांदी के आभूषण भी मिले हैं।
घर से 2.33 लाख नकद बरामद
लोकायुक्त टीम को सर्चिंग के दौरान 2,33,020 रुपये नकद मिले हैं। अधिकारी के बैंक खातों की भी जांच की गई, जिसमें करीब 7.32 लाख रुपये का बैंक बैलेंस सामने आया है। जांच टीम को कृषि भूमि से संबंधित कुछ अनुबंध भी मिले हैं। इन दस्तावेजों और संपत्तियों के वास्तविक मूल्य का आकलन किया जा रहा है।

छात्रावास पर 91.50 लाख रुपये खर्च का रिकॉर्ड
लोकायुक्त की जांच में अधिकारी से जुड़े छात्रावास की संपत्ति भी जांच के दायरे में आई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक छात्रावास के निर्माण अथवा उससे जुड़े कार्यों पर करीब 91.50 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। छात्रावास में मौजूद सामान की कीमत करीब 1.06 लाख रुपये आंकी गई है।
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80 लाख की आय, संपत्ति 4.60 करोड़ के पार
लोकायुक्त के प्रारंभिक आकलन के अनुसार अधिकारी की अब तक की ज्ञात आय करीब 80 लाख रुपये है, जबकि तलाशी में सामने आई संपत्ति और निवेश का मूल्य करीब 4.60 करोड़ रुपये बताया गया है। एजेंसी ने इसे आय से 474.84 प्रतिशत अधिक अनुपातहीन संपत्ति बताया है।
फिलहाल लोकायुक्त पुलिस दस्तावेजों, बैंक खातों, जमीनों और अन्य संपत्तियों का विस्तृत सत्यापन कर रही है। जांच पूरी होने के बाद अनुपातहीन संपत्ति का अंतिम आकलन सामने आएगा।
