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MP में नर्मदा में बहते मिले सैकड़ों Voter ID कार्ड, इंदौर के पते देख मचा हड़कंप; कांग्रेस का थाने में धरना

Published: Sun, 25 Oct 2026 03:43 PM (IST)

खरगोन के मंडलेश्वर में नर्मदा नदी में इंदौर के पते वाले सैकड़ों लावारिस वोटर आईडी कार्ड मिलने से हड़कंप मच ...और पढ़ें

नर्मदा में मिले वोटर आईडी कार्ड लेकर थाने पहुंचे कांग्रेस नेता, धरने पर बैठे।

नर्मदा में मिले वोटर आईडी कार्ड लेकर थाने पहुंचे कांग्रेस नेता, धरने पर बैठे।

HighLights

  1. मंडलेश्वर नर्मदा घाट पर मिले सैकड़ों वोटर आईडी।

  2. मतदाता कार्डों पर इंदौर के पते दर्ज, मचा हड़कंप।

  3. कांग्रेस ने वोट चोरी का आरोप लगा, FIR की मांग की।

डिजिटल डेस्क, खरगोन। प्रदेश के खरगोन जिले के मंडलेश्वर में नर्मदा नदी के घाट पर सफाई के दौरान सैकड़ों लावारिस मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी) मिलने से हड़कंप मच गया। इन कार्डों पर इंदौर के तिलक नगर, आस्था पैलेस सहित अन्य स्थानों के पते दर्ज होने की बात सामने आई है।

इंदौर से करीब 90 किलोमीटर दूर नर्मदा तट पर इतनी बड़ी संख्या में मतदाता पहचान पत्र मिलने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा तैयार किया और कार्डों को जब्त कर लिया।

सफाई के दौरान पानी में तैरते दिखे वोटर कार्ड

जानकारी के अनुसार, रविवार को मंडलेश्वर स्थित नर्मदा घाट पर निस्वार्थ सेवा समिति के सदस्य सफाई अभियान चला रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर नदी के पानी में तैर रहे और तट के किनारे पड़े मतदाता पहचान पत्रों पर पड़ी। बड़ी संख्या में कार्ड मिलने के बाद इसकी सूचना प्रशासन को दी गई।

votar ID in Narmada 8595

सूचना मिलते ही एसडीएम के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने बरामद कार्डों का पंचनामा बनाया और उन्हें अपने कब्जे में ले लिया। अब इस मामले में कार्डों की संख्या, उन पर दर्ज विवरण और उनके नदी किनारे पहुंचने के कारणों को लेकर जांच की जरूरत है।

कांग्रेस का प्रदर्शन, थाने में दिया धरना

मामला सामने आने के बाद जिला कांग्रेस कमेटी और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता थाने पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने घटना को लेकर विरोध जताया और इसे कथित वोट चोरी से जोड़ते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की मांग की।

मांगों के समर्थन में कांग्रेस कार्यकर्ता थाने में ही धरने पर बैठ गए। पार्टी नेताओं का कहना है कि दूसरे शहर के पतों वाले सैकड़ों मतदाता पहचान पत्रों का एक साथ मिलना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।

votar ID in Narmada 8596

एफआईआर नहीं हुई तो थाने के घेराव की चेतावनी

कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस उनकी मांग के अनुरूप निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करती है, तो आने वाले दिनों में थाने का घेराव किया जाएगा। पार्टी ने पूरे मामले की जांच कर यह स्पष्ट करने की मांग की है कि मतदाता पहचान पत्र नर्मदा घाट तक कैसे पहुंचे और इन्हें वहां किसने छोड़ा।

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फिलहाल, वोटर आईडी कार्ड मिलने की घटना ने मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है। हालांकि, कार्डों के नदी में मिलने के पीछे की वजह और किसी तरह की चुनावी अनियमितता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

इंदौर के सैकड़ों वोटर आईडी नर्मदा में मिलना सीधे तौर पर वोट चोरी का सबूत है। किसी आम व्यक्ति के पास इतनी बड़ी संख्या में सरकारी पहचान पत्र होना संभव नहीं है। इंदौर के वोटर कार्ड मंडलेश्वर कैसे पहुंचे, इन्हें कौन लाया और पानी में फेंकने के पीछे क्या मंशा थी, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। हमारी मांग है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया जाए। यदि पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया, तो आने वाले दिनों में सैकड़ों कार्यकर्ता थाने का घेराव करेंगे।
-रवि नाईक, जिला कांग्रेस अध्यक्ष


सफाई के दौरान वोटर आईडी मिलने की सूचना मिलते ही एसडीएम के नेतृत्व में राजस्व टीम को तुरंत मौके पर भेजा गया। टीम ने पंचनामा बनाकर कार्डों की जब्ती की कार्रवाई की है। कांग्रेस नेताओं द्वारा दिए गए आवेदन पर थाना प्रभारी को जांच सौंपी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा प्रथमदृष्टया कार्ड देखने वाली निस्वार्थ सेवा समिति के सदस्यों को भी जांच में शामिल कर उनके बयान दर्ज किए जाएंगे।
- श्वेता शुक्ला, एसडीओपी, मंडलेश्वर