धार भोजशाला मामले में हाई कोर्ट में नियमित सुनवाई सोमवार से, ASI सर्वे रिपोर्ट बनेगी निर्णायक आधार
धार भोजशाला मामले में इंदौर हाई कोर्ट में सोमवार से नियमित सुनवाई शुरू होगी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की विशेषज्ञ ...और पढ़ें

धार भोजशाला विवाद पर इंदौर हाईकोर्ट में होगी सुनवाई।

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डिजिटल डेस्क, इंदौर। प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला के धार्मिक स्वरूप को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई अब सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच गई है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में इस मामले से संबंधित याचिकाओं पर छह अप्रैल, सोमवार से नियमित सुनवाई शुरू हो जाएगी। कानूनविदों का मानना है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा किए गए सर्वे की रिपोर्ट में शामिल वैज्ञानिक साक्ष्य इस मामले में महत्वपूर्ण साबित होंगे।
2024 में विशेषज्ञ टीम ने किया था सर्वे
एएसआई की विशेषज्ञ टीम ने कोर्ट के आदेश पर भोजशाला परिसर का वर्ष 2024 में 22 मार्च से 27 जून (98 दिन) तक विस्तृत वैज्ञानिक सर्वे किया था। इस दौरान आधुनिक तकनीकों, जीपीआर सर्वे और सीमित खोदाई के माध्यम से कई पुरातात्विक साक्ष्य जुटाए गए थे।
एएसआई ने सर्वे के बाद रिपोर्ट तैयार कर कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत कर दी है। छह अप्रैल से शुरू होने जा रही नियमित सुनवाई में इसी रिपोर्ट के निष्कर्षों पर पक्ष और विपक्ष के बीच तर्कों और साक्ष्यों पर बहस होगी।
फ्लैशबैक: कैसे हुई जांच
तकनीक का इस्तेमाल: जीपीआर, हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे और विशेषज्ञ टीम की निगरानी में सर्वे ।
मिले साक्ष्य: कलाकृतियां, शिलालेख और अन्य पुरातात्विक अवशेष ASI रिपोर्ट में शामिल किए गए हैं।
अब सबकी नजरें कोर्ट की सुनवाई और एएसआई रिपोर्ट पर टिक गई हैं, जिससे भोजशाला विवाद के भविष्य की दिशा तय होने की उम्मीद है।
