बेटी के निकाह में शामिल होने पैरोल पर उज्जैन पहुंचा अहमदाबाद ब्लास्ट का दोषी, कड़ी सुरक्षा में लौटा साबरमती जेल
अहमदाबाद सीरियल बम विस्फोट मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे दोषी मोहम्मद अबरार मनियार को बेटी के निकाह ...और पढ़ें

अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट के दोषी (इनसेट में) के आवास के बाहर तैनात पुलिस।
HighLights
दोषी मोहम्मद अबरार मनियार को बेटी के निकाह के लिए पैरोल मिली।
उज्जैन में बेटी का निकाह कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ।
समारोह के बाद उसे कड़ी सुरक्षा में साबरमती जेल भेजा गया।
डिजिटल डेस्क, उज्जैन। वर्ष 2008 के अहमदाबाद सीरियल बम विस्फोट मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे दोषी मोहम्मद अबरार मनियार को बेटी के निकाह में शामिल होने के लिए अदालत से पैरोल मिली थी। निर्धारित अवधि के दौरान वह गुजरात की साबरमती जेल से उज्जैन लाया गया, जहां निकाह की रस्म पूरी होने के बाद सोमवार सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच उसे वापस जेल रवाना कर दिया गया।
सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे कार्यक्रम को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए विशेष इंतजाम किए थे। बेगमबाग स्थित उसके आवास के बाहर गुजरात पुलिस और उज्जैन पुलिस के संयुक्त रूप से करीब 50 जवान तैनात किए गए थे। पूरे क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी गई और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल को अलर्ट मोड पर रखा गया।
निकाह समारोह के दौरान रही कड़ी निगरानी
मोहम्मद अबरार मनियार की बेटी का निकाह रविवार को संपन्न हुआ। समारोह से पहले पुलिस ने कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्र की गहन जांच की। सुरक्षा कारणों से घर के आसपास बाहरी लोगों की आवाजाही सीमित रखी गई। गलियों, छतों और आसपास के संवेदनशील स्थानों पर भी पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
निकाह की सभी रस्में पुलिस निगरानी में संपन्न कराई गईं। पैरोल की अवधि समाप्त होने के बाद सोमवार सुबह करीब छह बजे गुजरात पुलिस उसे वापस साबरमती जेल लेकर रवाना हो गई।
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अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट का है दोषी
मोहम्मद अबरार मनियार वर्ष 2008 के अहमदाबाद सीरियल बम विस्फोट मामले में दोषी करार दिया जा चुका है और वर्तमान में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहा है।
गौरतलब है कि 26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में 56 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हुए थे। जांच के दौरान आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने देशभर से 50 से अधिक आरोपितों को गिरफ्तार किया था। बाद में अदालत ने 49 आरोपितों को दोषी ठहराया, जिनमें 38 को मृत्युदंड और 11 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इन दोषियों में उज्जैन जिले के पांच आरोपित भी शामिल हैं।
