डबरा। जिन घरों में शौचालय नहीं है, अब उनके बाहर 'अस्वच्छ घर' का स्लोगन लिखवाया जा रहा है। स्वच्छता मिशन के तहत जो पंचायतें अब तक खुले में शौच से मुक्त नहीं हो पाई हैं, वहां यह तरीका जिला पंचायत की ओर से अपनाया जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि इससे ग्रामीणों पर सामाजिक व मनोवैज्ञानिक दबाव प़ड रहा है और शौचालय बनवाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
गणतंत्र दिवस पर डबरा में 67 पंचायतो में 50 ही खुले में शौच से मुक्त घोषित हो सकीं। भितरवार की 82 पंचायतों में 70 ही खुले में शौच से मुक्त घोषित हो पाईं। शेष पंचायतो को 15 फरवरी से पूर्व खुले में शौच से मुक्त करने के लिए जिला पंचायत ने अब शौचालय न बनवाने वाले घरों के बाहर अस्वच्छ घर लिखवाना शुरू किया है। इस योजना के तहत डबरा की शेष 17 पंचायतों में शौचालय निर्माण न कराने वाले ग्रामीणों के घरों के बाहर अस्वच्छ घर लिखा जा चुका है। दोनों विकासखंड की लगभग दो दर्जन पंचायतों में अब भी शौचालय का निर्माण होना शेष है।
सामाजिक व मनौवैज्ञानिक दवाब के लिए बनाई योजना
डबरा जनपद के उपयंत्री दीपक नायक ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोग सामाजिक प्रतिष्ठा को ज्यादा महत्व देते है। ऐसे में संपन्न घर होने के बावजूद शौचालय न होने पर बाहर लिखे 'अस्वच्छ घर' के स्लोगन से उन पर सामाजिक व मनौवैज्ञानिक दबाव प़डेगा। इससे वह इस स्लोगन को मिटाने के लिए जल्द से जल्द से शौचालय का निर्माण कराएंगे। श्री नायक ने दावा किया कि योजना का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा हैं। स्लोगन लिखे जाने के बाद अकेले जरगांव में ही एक दर्जन से ज्यादा ग्रामीणों ने 5 दिन के अंदर शौचालय का निर्माण कार्य शुरू करा दिया है, जो कई बार समझाइश के बाद भी शौचालय नहीं बनवा रहे थे।

Posted By: Bhupendra Singh

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस