मगरमच्छ का मुंह बांधा और पकड़कर घसीटा, शिवपुरी में 'रीलबाज' युवकों की करतूत कैमरे में कैद, दो गिरफ्तार
शिवपुरी में दो युवकों को मगरमच्छ के साथ रील बनाने और उसे प्रताड़ित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया ...और पढ़ें

मगरमच्छ का मुंह बांधने के बाद उसे हाथ में पकड़े युवक (वीडियो ग्रैब)

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डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। मगरमच्छ को पकड़कर उसके साथ रील बनाना शिवपुरी के दो युवकों को महंगा पड़ गया। इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के आधार पर कार्रवाई करते हुए स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) और वन विभाग की टीम ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
नदी में तार से छोड़ते थे बिजली
गिरफ्तार किए गए आरोपितों की पहचान सुखनंदन केवट और गुलई सिंह के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान दोनों ने बुधना नदी में करंट प्रवाहित कर मगरमच्छ को मारने का प्रयास करने की बात स्वीकार की है। जांच में यह भी सामने आया कि वे नदी में मछलियां पकड़ने के लिए अक्सर बिजली का करंट छोड़ते थे, जिसकी चपेट में कई बार मगरमच्छ और अन्य जलीय जीव भी आ जाते थे।
वायरल वीडियो से खुला मामला
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें दो युवक मगरमच्छ को हाथों में उठाकर पटकते और घसीटते हुए दिखाई दे रहे थे। वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग और एसटीएसएफ ने जांच शुरू की और आरोपितों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत कार्रवाई
शिवपुरी वन मंडल के डीएफओ सुधांशु यादव ने बताया कि दोनों आरोपितों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। कार्रवाई के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई।
मगरमच्छ से छेड़छाड़ भी गंभीर अपराध
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मगरमच्छ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की संरक्षित श्रेणी में शामिल है। ऐसे वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाना, उनका शिकार करना या उनके साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ करना गंभीर अपराध माना जाता है। कानून के तहत दोष सिद्ध होने पर आरोपितों को न्यूनतम तीन वर्ष से लेकर अधिकतम सात वर्ष तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए वन्यजीवों के साथ खिलवाड़ न करें, क्योंकि ऐसी हरकतें न केवल जानवरों के लिए खतरनाक हैं, बल्कि कानूनन दंडनीय भी हैं।
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